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जेईई से खत्म हो सकती है टॉप-20 की बाध्यता, IIT में एडमिशन का रास्ता होगा आसान

7 वर्ष पहले
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जयपुर. देश के सभी आईआईटी में एडमिशन मिलने का रास्ता अगले साल से आसान हो सकता है। सूत्रों के अनुसार, टॉप- 20 परसेंटाइल हटाने पर विचार चल रहा है। वर्तमान व्यवस्था में जेईई एडवांस में अच्छे अंक लाने के बावजूद स्टूडेंट्स को टॉप-20 परसेंटाइल के क्राइटेरिया में भी आना जरूरी होता है। इन मापदंडों पर खरा उतरने वाले कैंडिडेट्स को आईआईटी में प्रवेश दिया जाता है। गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने दो साल पहले टॉप- 20 परसेंटाइल लागू करने का निर्णय स्कूल में स्टूडेंट्स की नियमितता और बोर्ड एग्जाम के प्रति गंभीरता बढ़ाने के उद्देश्य से लिया था ।
हर बोर्ड का मार्किंग सिस्टम अलग-अलग
स्टेट बोर्ड के मार्किंग सिस्टम अलग - अलग होने से भी किसी स्टेट बोर्ड में कम परसेंट पर भी अपने राज्य के टॉप-20 परसेंटाइल में स्थान मिल जाता है, वहीं सीबीएसई और आईसीएसई में टफ कॉम्पीटीशन होने की वजह से अच्छी पर्सेंटेज के बावजूद टॉप -20 परसेंटाइल में जगह बनाना मुश्किल होता है ।
नए बदलाव क्या आ सकते हैं
हाल ही मुंबई में हुई जॉइंट एडमिशन बोर्ड की मीटिंग में यह सहमति बनी कि टॉप 20 पर्सेंटाइल का नियम अगले साल से बदला जाना चाहिए। शहर के आईआईटी एक्सपर्ट आशीष अरोड़ा का कहना है कि टॉप-20 पर्सेंटाइल सिस्टम में बदलाव करने से स्टूडेंट्स को तो इसका फायदा होना निश्चित है। पर यह भी तय है कि अगर इस फॉर्मूले को बदला जाता है तो स्टूडेंट्स बोर्ड एग्जाम्स को गंभीरता से नहीं लेंगे। इसका नुकसान उन्हें आईआईटी मेन्स में होगा जिसमें बोर्ड एग्जाम्स का 40% वेटेज जुड़ता है।