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सीबीआई ने राजस्थान के पूर्व गृहमंत्री पर लगाया हत्या की साजिश का आरोप

8 वर्ष पहले
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सोहराबुद्दीन एनकाउंटर मामले में राजस्थान के पूर्व गृहमंत्री और वर्तमान में नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया सहित चार लोगों के खिलाफ सीबीआई ने मंगलवार को मुंबई की अदालत में सप्लीमेंट्री चार्जशीट पेश कर दी। इन हाई प्रोफाइल आरोपियों के खिलाफ षड्यंत्र, हत्या, अपहरण सहित गैरजमानती धाराओं में आरोप लगाए गए हैं। चार्जशीट 500 पेज की है।

आरोपियों में कटारिया के अलावा उदयपुर के आरके मार्बल के डायरेक्टर विमल पाटनी, आंध्र के आईजी जीएन बालसुब्रह्मण्यम और इंस्पेक्टर श्रीनिवास राव हैं। सीबीआई प्रवक्ता धारिणी मिश्रा ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश के तहत सोहराबुद्दीन केस की सुनवाई गुजरात से बाहर मुंबई के एडिशनल चीफ मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट की अदालत में चल रही है।

गैर जमानती धाराएं

चारों पर आईपीसी 120बी आर/डब्ल्यू 364, 365, 368, 341, 342, 302, और 201 की गैर जमानती धारा लगाई है। अदालत गिरफ्तारी आदेश जारी कर जेल भेज सकती है।

कटारिया पर ये आरोप

आरके मार्बल के डायरेक्टर विमल पाटनी के कहने पर कटारिया ने गुजरात के तत्कालीन गृहमंत्री अमित शाह से संपर्क किया। शाह ने एटीएस के तत्कालीन डीआईजी डीजी बंजारा से एनकाउंटर कराया।

सफाई : कटारिया ने कहा कि उन्हें मामले की पूरी जानकारी नहीं है। चार्जशीट देखने के बाद ही कुछ कहूंगा। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष वसुंधरा राजे ने कहा- आरोप झूठे हैं, पूरी पार्टी कटारिया के साथ हैं। उन्हें न्याय दिलाने के लिए लड़ेंगे।

और विमल पाटनी पर ये

सोहराबुद्दीन व तुलसी प्रजापति ने पाटनी से 24 करोड़ रंगदारी मांगी। पाटनी ने कटारिया से बात कर एनकाउंटर की पटकथा रची।

सफाई : पाटनी ने कहा- हमारा इस प्रकरण से दूर-दूर तक कोई वास्ता नहीं है। चार्जशीट में नाम की खबर सुनकर हम हैरान हैं।

कटारिया पर ये आरोप

आरके मार्बल के डायरेक्टर विमल पाटनी के कहने पर कटारिया ने गुजरात के तत्कालीन गृहमंत्री अमित शाह से संपर्क किया। शाह ने एटीएस के तत्कालीन डीआईजी डीजी बंजारा से एनकाउंटर कराया।

सफाई : कटारिया ने कहा कि उन्हें मामले की पूरी जानकारी नहीं है। चार्जशीट देखने के बाद ही कुछ कहूंगा।

भाजपा प्रदेशाध्यक्ष वसुंधरा राजे ने कहा- आरोप झूठे हैं, पूरी पार्टी कटारिया के साथ हैं। उन्हें न्याय दिलाने के लिए लड़ेंगे।

5 आईपीएस सहित 19 आरोपी

गुजरात-राजस्थान के रसूखदार लोगों के अलावा दोनों राज्यों के पुलिस अधिकारी इस मामले में कानूनी कार्रवाई का सामना कर रहे हैं। दोनों राज्यों के पांच आईपीएस सहित 19 आरोपी हैं।

दूसरे आरोपी जो गृहमंत्री रह चुके

कटारिया दूसरे तत्कालीन गृहमंत्री हैं, जिन्हें मामले में आरोपी बनाया गया है। इससे पहले गुजरात के तत्कालीन गृहमंत्री अमित शाह मामले में फंसे थे। उन्हें कुर्सी गंवानी पड़ी थी।

प्रदेश के दो दिग्गज भाजपाई फंसे

कटारिया के अलावा राजेंद्र राठौड़ दारासिंह एनकाउंटर में फंसे हैं। उनका मामला सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है।

सियासी मायने भाजपा के लिए

चुनावी साल है। कटारिया अगर जेल जाते हैं तो भाजपा सीबीआई के दुरुपयोग के मुद्दे पर कांग्रेस को घेरेगी। हालांकि, वसुंधरा गुट कभी नहीं चाहेगा कि कटारिया का कद बढ़े। कटारिया को नेता प्रतिपक्ष पद भी छोडऩा पड़ सकता है।

कांग्रेस के लिए

मुस्लिम वोटों का ध्रुवीकरण होगा। भाजपा का एक बड़ा नेता उलझने से कांग्रेस चुनावी समर में भाजपा पर हावी हो सकती है। कांग्रेस दारासिंह प्रकरण को याद दिलाएगी और भाजपा जाट वोटों का अपने पक्ष में ध्रुवीकरण करने की कोशिश करेगी।

आठ साल पहले हुआ था एनकाउंटर

31 मई, 2004 : सुबह हिस्ट्रीशीटर हमीदलाल उर्फ लालो की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में सोहराबुद्दीन, तुलसी प्रजापति और उदयपुर निवासी मोहम्मद आजम मुख्य आरोपी थे। हत्या की वजह अवैध वसूली को लेकर विवाद रहा।

गुजरात में वांटेड होने के कारण गुजरात पुलिस ने सोहराबुद्दीन को आंध्र से गिरफ्तार किया। पूर्वी अहमदाबाद में 26 नवंबर, 2005 को सोहराबुद्दीन का एनकाउंटर किया गया। उसकी पत्नी कौसर बी गायब हो गई, जिसका कोई पता नहीं लगा।

दिसंबर 2006 में सोहराबुद्दीन एनकाउंटर के चश्मदीद गवाह उसके साथी तुलसी प्रजापति का उदयपुर जेल से गुजरात ले जाते समय एनकाउंटर किया गया।

वर्ष 2007 में गुजरात विधानसभा में यह मामला उठा। पहले गुजरात पुलिस ने इस मामले की जांच की। इसके बाद मामला सीबीआई के पास चला गया।

सीबीआई की जांच के बाद उदयपुर के तत्कालीन एसपी दिनेश एमएन, सीआई अब्दुल रहमान, एसआई श्यामसिंह, हिमांशु राव, सिपाही करतार सिंह, युद्धवीरसिंह व करणवीर सिंह की गिरफ्तारी हुई।

सीबीआई ने सोहराबुद्दीन की जांच के बाद तुलसी प्रजापति एनकाउंटर की जांच भी अपने हाथ में ले ली। दोनों मामलों में सीबीआई ने उदयपुर व राजसमंद में मार्बल व्यवसायियों, अपराधियों व अन्य लोगों से पूछताछ की। करीब एक साल तक सीबीआई उदयपुर में इन लोगों से पूछताछ करती रही।

पहले पेश चार्जशीट में पेंडिंग रखी थी जांच

सीबीआई गुजरात के तत्कालीन गृह मंत्री अमित शाह, उदयपुर के तत्कालीन एसपी एमएन दिनेश एमएन, इंस्पेक्टर अब्दुल रहमान, सब इंस्पेक्टर श्याम सिंह, हिमांशु सहित 13 अन्य आरोपियों के खिलाफ पहले ही चार्जशीट पेश कर चुकी है। इस चार्जशीट में पूर्व गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया, आरके मार्बल के डायरेक्टर विमल पाटनी सहित चार के खिलाफ 173/8 में जांच पेंडिंग रखी गई थी। जांच के बाद सीबीआई ने इनके खिलाफ भी आरोप प्रमाणित माना और मंगलवार को सप्लीमेंट्री चार्जशीट पेश की गई।

कटारिया पर लगे आरोप हटेंगे
कटारिया के समधी एवं एडवोकेट रोशनलाल जैन ने बताया कि कांग्रेस के राजनीतिक षड़यंत्र का नतीजा है कि सीबीआई ने कटारिया को इस मामले में आरोपी बनाया है। यह आरोप गलत है। 11 माह पहले जिस मामले में पूछताछ की गई, उसमें अब चालान पेश किया गया है। कोर्ट खुद कटारिया के खिलाफ लगाए गए आरोप खारिज कर देगी। पूछताछ के दौरान वे खुद साथ थे। उन्होंने बताया कि अभी कटारियाजी से बातचीत नहीं हुई है, लेकिन हम अग्रिम जमानत की प्रक्रिया पूरी करेंगे।
आगे क्या : कानून के जानकारों के मुताबिक
उम्मीदें : अग्रिम जमानत की
4 जून को कोर्ट में पेश होने से पहले कटारिया की ओर से अग्रिम जमानत अर्जी लगाई जाएगी। इसमें उन्हें अग्रिम जमानत की उम्मीद है।
हट भी सकते हैं आरोप
कानून के जानकारों का मानना है कि अनसुंधान में खामी सामने आने पर कटारिया पर लगाए गए आरोप कोर्ट हटा भी सकती है।
मुश्किलें अग्रिम जमानत खारिज होने पर 4 जून को कटारिया के पेश होने पर सीबीआई रिमांड के लिए भी डिमांड कर सकती है। या उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेजा जाएगा।
सोहराबुद्दीन एनकाउंटर के बाद कटारिया को तुलसी प्रजापति के एनकाउंटर में भी आरोपी बनाया जा सकता है। इन दोनों मामलों की जांच सीबीआई ने ही की है।
कांग्रेस ने कटारिया से इस्तीफा मांगा
सोहराबुद्दीन फर्जी मुठभेड़ मामले में सीबीआई द्वारा आरोपी बनाए जाने पर कांग्रेस ने नेता प्रतिपक्ष गुलाब चंद कटारिया के इस्तीफे की मांग की है। शहर जिला कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष रामचंद्र मेनारिया, शराफत खान, नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष दिनेश श्रीमाली, राजेश जैन, राहुल व्यास, कमल नयन खंडेलवाल, डॉ. दीपक औदिच्य, ब्लॉक अध्यक्ष मुजीब सिद्दीकी व पूरण मेनारिया ने कहा कि कटारिया को आरोपी बनाने से हकीकत सामने आ गई है। भाजपा की कथनी और करनी में अंतर भी साफ हो गया है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि कटारिया को जल्द ही पद से इस्तीफा देना चाहिए।
सीबीआई की चार्जशीट कांग्रेस की चाल : भाजपा
पूर्व सभापति रवींद्र श्रीमाली, डिप्टी मेयर महेंद्र सिंह शेखावत, भाजपा पदाधिकारी राजकुमार चित्तौड़ा, भंवर पालीवाल, राजेश वैष्णव, अनिल सिंघल, दिनेश माली, ललित मेनारिया, बलबीर सिंह दिग्पाल, भगवान वैष्णव, गजेंद्र जैन, रूपेश जैन, जगदीश शर्मा, सुषमा कुमावत, पार्षद अर्चना शर्मा, मनोहर सिंह पंवार, विजय आहूजा व सिद्धार्थ शर्मा ने संयुक्त बयान में कहा कि कटारिया की राजनीतिक ताकत बढ़ती देख कांग्रेस इस तरह की चाल चल रही है।
21 जून को सीबीआई ने गुजरात में की थी साढ़े चार घंटे पूछताछ
गत 21 जून को सीबीआई ने गांधी नगर स्थित अपने जूना सचिवालय ऑफिस में कटारिया से साढ़े चार घंटे तक पूछताछ की।
क्या पूछा था : उदयपुर की मार्बल लोबी ने गुजरात व राजस्थान की पुलिस को सोहराबुद्दीन का एनकाउंटर करने के लिए सुपारी दी थी या नहीं। उदयपुर तत्कालीन एसपी दिनेश एमएन की गिरफ्तारी के बाद दूसरे ही दिन वे राजस्थान गृहमंत्री होने के बावजूद क्यों और किसके कहने पर गुजरात आए थे। दोनों एनकाउंटर का उन्हें कब पता चला कि उनके राज्य के कौनसे अफसर इसमें शामिल है। गुलाबचंद कटारिया के उदयपुर निवास पर मंगलवार को ताला लगा था परिवार जयपुर में था।
गुलाबचंद कटारिया के मामले पर भाजपा आज दिल्ली में तय करेगी रणनीति
सोहराबुद्दीन एनकाउंटर मामले में सीबीआई के आरोप पत्र में पूर्व गृहमंत्री और नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया का नाम आने से भाजपा के आला नेता भी सकते में आ गए है।
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष वसुंधरा राजे मंगलवार रात राज्यसभा में प्रतिपक्ष के नेता अरुण जेटली के आवास पर पहुंचीं, जहां आपात बैठक हुई। इसमें पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अमित शाह, राष्ट्रीय संगठन सहमंत्री सौदानसिंह, राष्ट्रीय सचिव भूपेंद्र यादव भी मौजूद थे। तुरंत ही ही इस मुद्दे पर पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह को भी अवगत कराया गया। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह, प्रदेशाध्यक्ष वसुंधरा राजे और वरिष्ठ नेता अरुण जेटली बुधवार को 12 बजे पार्टी के दिल्ली स्थित राष्ट्रीय कार्यालय में इस मुद्दे पर पत्रकार वार्ता करेंगे।

जयपुर में प्रदेश कार्यालय में बुधवार शाम साढ़े छह बजे वसुंधरा राजे की अध्यक्षता में पदाधिकारियों की बैठक होगी। इसमें आगे की रणनीति बनाई जाएगी। कटारिया मंगलवार को वसुंधरा राजे के आवास पर सुराज यात्रा की बैठक में दिल्ली गए हुए थे। मंगलवार रात दस बजे ट्रेन से जयपुर पहुंचे। कटारिया प्रदेश के दूसरे भाजपा नेता है, जिन पर एनकाउंटर को लेकर सीबीआई की चार्जशीट में नाम आया है। इससे पहले भाजपा के पूर्व मंत्री राजेंद्र राठौड़ को दारिया एनकाउंटर को लेकर सीबीआई ने षडयंत्र के आरोप में गिरफ्तार किया था।

भाजपा के उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक नई परिस्थितियों को देखते हुए वसुंधरा राजे का सुराज संकल्प यात्रा का कार्यक्रम में भी बदलाव संभव है। दिल्ली ही थे सुराज यात्रा की समीक्षा लेकर वसुंधरा राजे के दिल्ली आवास पर मंगलवार को सौदान सिंह की अध्यक्षता में रखी बैठक में कटारिया गए थे। उसमें भूपेंद्र यादव भी मौजूद थे। इसके बाद कटारिया वहां से रवाना हो गए। कटारिया के मुताबिक उन्हें ट्रेन में ही मीडिया से पता चला कि ऐसी कोई चार्जशीट दाखिल हुई है। कांग्रेस का षड्यंत्र पूर्व मंत्री राजेंद्र राठौड़ ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई को केंद्र के पालतू तोते की तरह व्यवहारे की जो टिप्पणी की थी, वो अब कटारिया के खिलाफ कार्रवाई के मामले में सही साबित हुई है।

कांग्रेस के घटते जनाधार और भाजपा की आक्रामक राजनीति को देखते हुए मेरे बाद अब कटारिया को षडयंत्र का शिकार बनाया है। बदले की कार्रवाई पूर्व प्रदेशाध्यक्ष अरुण चतुर्वेदी ने कहा कि कटारिया पर कार्रवाई पूरी तरह राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित है। सीबीआई एक बार फिर कांग्रेस की टूल बनी है। कटारिया जैसे चरित्रवान नेता के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई सीबीआई के केंद्र सरकार के इशारों पर काम करने के आरोपों को सही साबित किया।

ककटारिया के मानसरोवर स्थित आवास पर भास्कर ने की रात को बात

सीबीआई की चार्जशीट में आपका नाम आया है?

षडयंत्र करने वाले मर कर खप लें तो भी पाक- साफ व्यक्ति का कुछ नहीं बिगाड़ सकते। मैं बुधवार को चार्जशीट मंगाकर देखूंगा, उसके बाद ही आरोपों के बारे में कुछ बोलूंगा।

आपको आज कब पता चला?

मुझे तो ट्रेन में बैठने के बाद ही पता चला।

सीबीआई ने आपसे पूछताछ की थी ?

हां, कुछ महीने पहले सीबीआई ने जो भी मुझसे पूछा था, मैंने जवाब दे दिया था।