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गुलाबचंद कटारिया ने दिया विवादित बयान, फिर वसुंधरा ने किया 'इशारा'

7 वर्ष पहले
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जयपुर. पंचायतीराज मंत्री गुलाबचंद कटारिया ने फिर विवादित बयान दिया है। शनिवार को राजस्थान यूनिवर्सिटी में आयोजित एक कार्यक्रम में वे बोले-पहली से आठवीं कक्षा तक के बच्चों को फेल नहीं करने के लिए शिक्षा का अधिकार कानून की व्यवस्था विदेशियों का षड्‌यंत्र है। इस व्यवस्था से देश की प्रतिभाएं निखरने से पहले ही खत्म हो जाएंगी। जब कोई फेल ही नहीं होगा तो फिर क्यों पढ़ेगा। उन्होंने कहा कि सरकारी शिक्षा व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो निजी शिक्षण संस्थाएं शोषण का जरिया बन जाएंगी। इस दौरान दर्शक दीर्घा में वसुंधरा कटारिया की तरफ इशारा करती नजर आई जिसे भास्कर के फोटो जर्नलिस्ट ने अपने कैमरे में कैद किया।

राजस्थान यूनिवर्सिटी के मानविकी पीठ सभागार में अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ द्वारा उच्च शिक्षा में नियामक तंत्र पर आयोजित राष्ट्रीय परिसंवाद के उद्घाटन सत्र में मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे भी मौजूद थीं। उन्होंने स्किल डवलपमेंट पर जोर देते हुए कहा कि जल्द ही छात्रों के लिए स्किल डवलपमेंट यूनिवर्सिटी खुल जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश की यूनिवर्सिटी में सेल्फ एम्प्लॉयमेंट सेल स्थापित किये जा रहे हैं, ताकि युवाओं को स्किल डवलपमेंट के आधार पर रोजगार के बेहतर अवसर मिल सकें।
उच्च शिक्षण संस्थानों में कम्यूनिकेशन, आर्किटेक्चर, टूरिज्म, हॉस्पिटेलिटी मैनजेमेंट और विदेशी भाषाओं के कोर्सेज शुरू किए जाएं, ताकि हमारे नौजवान दुनिया के सामने अपने आपको और अधिक बेहतर ढंग से पेश कर सकें। उन्होंने कहा कि शिक्षक ही शिक्षा और शिक्षण व्यवस्था में बदलाव ला सकते हैं, सरकार तो सहयोग ही कर सकती है। प्रदेश के मौजूदा हालातों को ध्यान में रखकर शिक्षा में गुणात्मक सुधार लाने के लिए एक रोडमैप तैयार किया जाना चाहिए और उसी के अनुरूप प्राथमिक शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा तक अध्ययन-अध्यापन का कार्य किया जाए।
स्मृति ईरानी आएंगी आज
मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी रविवार दोपहर 3 बजे इस कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि भाग लेने के लिए जयपुर आएंगी। इसकी पुष्टि कार्यक्रम के मीडिया प्रभारी डॉ. योगेश शर्मा ने की है।
सियासत ने शिक्षा को पंगु बनाया
कटारिया ने कहा-राजनीति ने शिक्षा को पंगु बना दिया है। शिक्षक का स्थान गौण होता जा रहा है। कंधे पर थैला लेकर चलने वाले शिक्षकों को तबादलों के लिए नेताओं के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। यह दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है। बेड़ा गर्क हो गया है। खुद एक शिक्षक होने के नाते बहुत दुख होता है। मैं हकीकत बोलता हूं। तबादले योग्यता के आधार पर होने चाहिए। उन्होंने कहा कि शिक्षा से सिर्फ व्यक्ति का नहीं राष्ट्र का निर्माण होता है।
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