जयपुर. राज्य मंत्रिमंडल ने शनिवार रात नए भूमि अधिग्रहण बिल 2014 को पारित कर दिया। इस बिल को पारित करने वाला राजस्थान देश का पहला राज्य बन गया है। केंद्र ने पिछले साल इस बिल को लागू किया था। रात 9 बजे तक चली कैबिनेट में कई और फैसले किए गए। राजस्थान टिनेंसी एक्ट की धाराओं में संशोधन को मंजूरी दी गई है। अब सोमवार से शुरू होने वाले विधानसभा सत्र में नए बिल को रखा जाएगा। मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक के बाद संसदीय कार्य मंत्री राजेंद्र राठौड़ ने यह जानकारी दी।
भूमि अवाप्ति विधेयक के मायने
मौजूदा भू-अधिग्रहण विधेयक में जो प्रावधान हैं, उसके कारण भूमि आवंटन प्रक्रिया में देरी होती है। इसलिए अब संशोधन बिल में केंद्र के एक्ट से अधिक मुआवजा देने का प्रावधान किया गया है। केंद्र के प्रावधान के अनुसार शहरी क्षेत्र में भूमि अधिग्रहण करने पर डीएलसी दर का दो गुना और ग्रामीण क्षेत्र में भूमि अधिग्रहण पर चार गुना मुआवजे का प्रावधान है। राज्य में अब इस संशोधन से शहरी क्षेत्र का मुआवजा तो दो गुना ही रखा गया है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्र में यह शहर से 5 किमी की दूरी तक की जमीन पर डीएलसी दर का ढाई से 5 गुना व इससे अधिक जमीन होने पर डीएलसी दर का 5 से 9 गुना तक का प्रावधान किया गया है।
मल्टी क्रॉप वाली जमीन केवल इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए ही
कैबिनेट के फैसले के अनुसार अब इस प्रस्तावित विधेयक के तहत मल्टी क्रॉप भूमि होने पर सरकार इसे केवल इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट के लिए ही ले सकेगी। जैसे रोड बनाने, बिजली की लाइन, पानी की लाइन आदि के लिए ही यह जमीन अधिगृहीत की जा सकेगी।
निजी कंपनियों के लिए अलग प्रावधान
प्रस्तावित विधेयक के तहत यदि कोई प्राइवेट कंपनी जमीन अधिगृहीत करती है तो जिनकी जमीन ले रही है, ऐसे 80 प्रतिशत की सहमति लेना जरूरी होगा। इसके अलावा पीपीपी मोड वाले प्रोजेक्ट के लिए 60 प्रतिशत लोगों की सहमति जरूरी होगी। नगद मुआवजे के स्थान पर 25 फीसदी विकसित भूमि देने का प्रावधान भी किया गया है। अधिगृहीत भूमि की कीमत एकमुश्त भी दिए जाने का प्रस्ताव किया गया है।
लैंड रेवेन्यू बिल में संशोधन
राज्य में 25,000 मेगावाट सौर ऊर्जा के उत्पादन की गति देने व सोलर ऊर्जा विंड प्लांट और सोलर पार्क स्थापित करने के लिए राजस्थान लैंड रेवेन्यू एक्ट की धारा 90ए व राजस्थान टिनेंसी एक्ट की धारा 45 (1) में संशोधन किया गया है। इसके तहत राज्य में सौर ऊर्जा स्थापित करने के लिए किसान की ओर से दी जाने वाली भूमि के भू-परिवर्तन की आवश्यकता नहीं होगी। अब किसान 30 से 40 साल तक अपनी जमीन को लीज पर दे सकेगा।
824 जेईएन की भर्ती करेगी सरकार
अब पीएचईडी के जूनियर इंजीनियरों की भर्ती विभागीय स्तर पर की जाएगी। अब तक यह भर्ती आरपीएससी के जरिए की जाती रही है। इसके तहत अब विभागीय स्तर पर सरकार 824 जूनियर इंजीनियरों की भर्ती करेगी।
प्रमुख फैसले
> ईसरदा जलप्रदाय परियोजना के लिए 530 करोड़ रुपए की स्वीकृति।
> बाड़मेर लिफ्ट जलप्रदाय योजना में 700 करोड़ रुपए मंजूर।
> 171 गांवों में पानी के लिए जैसलमेर-बाड़मेर जलप्रदाय योजना के लिए 451 करोड़ रुपए स्वीकृत।
> कक्षा 6 से 10 की छात्राओं को सेल्फ डिफेंस प्रशिक्षण के लिए कार्यक्रम चलाने को मंजूरी।
> इसके तहत 1000 स्कूलों की 3 लाख छात्राओं को स्पोर्ट्स मैनेजमेंट कंपनी के माध्यम से 10 दिन का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
> पायलट प्रोजेक्ट के रूप में जयपुर के 20 स्कूलों की 10,000 छात्राओं के प्रशिक्षण से शुरू होगा।
विधानसभा सत्र कल
14वीं विधानसभा का तीसरा सत्र सोमवार से आहूत किया जाएगा। सत्र की तैयारियों को लेकर रविवार को विधानसभा की बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की बैठक होगी। इस बैठक के बाद ही तय होगा कि विधानसभा का यह सत्र कितने दिन चलेगा।