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आॅर्गन ट्रांसप्लांट कानून की स्टडी कर रहा विधि विभाग

7 वर्ष पहले
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जयपुर. प्रदेश में तमिलनाडु मॉडल पर ऑर्गन ट्रांसप्लांट के लिए चिकित्सा विभाग अधिसूचना (गजट नोटिफिकेशन) की फाइल विधि विभाग को भेज चुका है, जो हृूमन आर्गन ट्रांसप्लांट एक्ट (होटा) को लागू करने के तौर-तरीकों का अध्ययन कर रहा है। राज्य सरकार ने जाने-माने ऑर्गन ट्रांसप्लांट सर्जन डॉ.क्रिस्टोफर बैरी को तमिलनाडु मॉडल लागू करने के लिए जयपुर आमंत्रित किया है।
कैडेवर ट्रांसप्लांट सुविधा शुरू करने से पहले तमाम तरह की तैयारी की जा रही है, ताकि बाद में कोई दिक्कत न आए। होटा के तहत गजट नोटिफिकेशन जारी करना प्रोसेस में है।
दीपक उप्रेती, प्रमुख सचिव (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य)
...तो निशी को मिलता पूरा इलाज
अगर राज्य में कैडेवर ट्रांसप्लांट की सुविधा होती, तो निशी (40) पूरी तरह से ठीक हो सकती थी। कैंसरग्रस्त अग्नाशय (पैन्क्रियाज नामक ग्रंथि जिससे इंसुलिन निकलता है) निकालने के बाद उसे जिंदगीभर इंसुलिन इंजेक्शन तथा एंजाइम लेने पड़ेंगे। उल्लेखनीय है कि सरकार ने एसएमएस अस्पताल में इंस्टीट्यूट ऑफ ऑर्गन ट्रांसप्लांट (गंभीर हालत वाले मरीज में ब्रेन डेड व्यक्ति के अंग का प्रत्यारोपण) की स्थापना इसी साल करने की घोषणा की है। अस्पताल के गैस्ट्रो इंटेस्टाइन सर्जन डॉ.अजय शर्मा का कहना है कि निशी की जिन्दगी बचाने के लिए एकमात्र उपाय पूरा पैन्क्रियाज निकालने के अलावा कोई और नहीं था। इससे मरीज कैंसर मुक्त हो गई है।