जयपुर. हड़ताल स्थगित करने पर अब वकील बंट गए हैं। वकील सवाल उठा रहे हैं-हाईकोर्ट प्रशासन ने जब 65 दिन पहले ही वकीलों की मांगों पर कार्रवाई का आश्वासन दे दिया था तो फिर इतने दिनों तक वकील समुदाय और आम पक्षकारों को क्यूं परेशान किया गया? आक्रोशित वकीलों ने हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मनोज शर्मा व महासचिव भुवनेश शर्मा के खिलाफ नारेबाजी की। साधारण सभा की बैठक बुलाकर हाईकोर्ट बार एसोसिएशन की कार्यकारिणी को भंग कर दिया।
15 सदस्यीय कमेटी गठित कर चुनाव की तारीख भी तय कर दी। उधर, हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने साधारण सभा की बैठक को गैर-कानूनी बताया है। सेशन कोर्ट में भी वकीलों ने बिना जनरल हाउस बुलाए हड़ताल स्थगित करने के तरीके पर विरोध जताते हुए आमसभा की। बार ऑफिस में घुस पदाधिकारियों की नेम प्लेट तोड़ दी। इस दौरान बार एसोसिएशन के अध्यक्ष गोपेश कुम्भज ऑफिस में बैठे रहे।
वकीलों का विरोध इसलिए
हाईकोर्ट प्रशासन ने 65 दिन पहले ही वकीलों की मांगों पर कार्रवाई का आश्वासन दे दिया था तो फिर इतने दिनों तक वकील समुदाय व आम पक्षकारों को क्यों परेशान किया। -करनपाल सिंह, पूर्व अध्यक्ष हाईकोर्ट बार एसो.
हड़ताल पहले ही स्थगित क्यों नहीं की और लंबी क्यों खींची। -डॉ. विभूति भूषण शर्मा, पूर्व अध्यक्ष, हाईकोर्ट बार एसो.
15 सदस्यीय कमेटी गठित कर चुनाव की घोषणा की: साधारण सभा की बैठक में बार एसोसिएशन के संचालन के लिए 15 सदस्यीय कमेटी गठित की। इसमें करनपाल सिंह, पीसी भंडारी, गोरधन सिंह फौजदार,मदन मीणा, चन्द्रहास सिंह, अशोक भार्गव, घनश्याम ब्रजवासी, विमल चौधरी, प्रेम सिंह,वेदप्रकाश सोगरवाल, उमेश शर्मा, सुरेन्द्र मील, सुरेश पारीक, एमके कौशिक व एलएन बोस हैं। कमेटी ने हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के आगामी चुनाव 7 नवंबर को घोषित किए हैं और सुरेश पारीक को चुनाव अधिकारी बनाया है।
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