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जो 67 दिन से नहीं हो पाया... वह साढ़े चार घंटे में हुआ, वकील हड़ताल स्थगित

7 वर्ष पहले
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जयपुर. पिछले 67 दिन से चल रही वकीलों की हड़ताल आखिरकार रविवार को स्थगित हो गई। वकीलों की ओर से महाधिवक्ता एन.एम लोढ़ा रविवार दोपहर कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश सुनील अंबवानी से मिले। ऑल राजस्थान एडवोकेट संघर्ष समिति के संयोजक गोपेश कुंभज ने कहा- डीजे व एडीजे के ट्रांसफर सहित पांचों मुख्य मांगें मान ली गई। इसके बाद हड़ताल स्थगित करने का फैसला किया गया। उधर, हाईकोर्ट प्रशासन ने प्रेस नोट जारी कर बताया-जजों के ट्रांसफर के अलावा चार मांगों पर सहमति बनी है। ट्रांसफर की मांग पर विचार का आश्वासन दिया गया है। उधर जोधपुर में राजस्थान हाईकोर्ट एडवोकेट्स एसो. के महासचिव धर्मेन्द्र सुराणा ने कहा- हम हड़ताल पर सोमवार को फैसला करेंगे।
इसलिए थे हड़ताल पर
वकीलों ने 9 जुलाई को एडीजे कोर्ट (13) में दी बार एसोसिएशन जयपुर के अध्यक्ष गोपेश कुम्भज सहित अन्य पदाधिकारियों के खिलाफ अवमानना कार्रवाई के विरोध में हड़ताल की घोषणा की। इसके बाद हाईकोर्ट बार एसोसिएशन जयपुर व जोधपुर ने भी हड़ताल का समर्थन करते हुए न्यायिक कार्य बहिष्कार किया। बाद में प्रदेशभर के वकीलों ने हड़ताल कर दी।
जो 67 दिन से नहीं हो पाया... वह साढ़े चार घंटे में हुआ
सुबह 11:00 बजे - संघर्ष समिति व कोर कमेटी की बैठक

इस बैठक के लगभग एक घंटे बाद बार कौंसिल सदस्य, हाईकोर्ट बार एसो. व दी बार एसो. जयपुर के पदाधिकारी व कोर कमेटी सदस्य न्यायाधीश मो. रफीक के घर पहुंचे। बातचीत शुरू हुई। न्यायाधीश एम.एन.भंडारी भी मौजूद रहे। वकीलों ने शिकायत निवारण कमेटी के सदस्य व महाधिवक्ता एन.एम. लोढ़ा को बुलाया।
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फोटो- मंदिर परिसर में सीजेआई।