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भूमि के उपयोग के हिसाब से हो लीज वसूली, नियमों में एकरूपता नहीं होने से परेशानी

7 वर्ष पहले
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जयपुर. लीज वसूली के लिए दो ही श्रेणी और नियमों में भिन्नता से भूमि मालिकों को अनावश्यक रूप से अधिक लीज राशि का भुगतान करना पड़ रहा है। यह देखते हुए लैंड यूज के हिसाब से लीज वसूली की और श्रेणियां बनाने तथा जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) और जयपुर नगर निगम में लीज में छूट नियम समान करने की मांग की जा रही है। वहीं जेडीए पहले पांच वर्ष तक लीज में 50 फीसदी छूट देता है, जबकि नगर निगम नीलामी में तीन वर्ष के लिए ही छूट मिलती है। ऐसे में जेडीए की ओर से जयपुर नगर निगम को हस्तांतरित कॉलोनियों में रहने वालों के लिए परेशानी पैदा हो गई है।
बिल्डरों का यह है तर्क
लीज नियम तार्किक नहीं होने से बिल्डरों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ताल है। बिल्डरों का तर्क है कि बहुमंजिला इमारतों में सारे फ्लैट बिकने बाद उस इमारत को हस्तांतरित कर दिया जाता है। ऐसे में आने वाले वर्षों की लीज जमा कराने की जिम्मेदारी फ्लैट मालिकों की होनी चाहिए, लेकिन लीज का डिमांड नोटिस बिल्डरों के नाम से निकालता रहता है। इससे परेशानी होती है।
लीज के लिए पांच श्रेणियों का सुझाव
अभी प्रदेश में लीज वसूली के लिए दो ही श्रेणियां है। आवासीय व व्यवसायिक, जबकि जमीन का उपयोग कई तरह से होता है। मसलन आवासीय, व्यवसायिक, संस्थानिक, औद्योगिक और फार्म हाउस के लिए। यह देखते हुए लीज वसूली की पांच श्रेणियां बनाने के साथ लीज दरों को तार्किक बनाने का सुझाव दिया जा रहा है।
कितनी वसूली जाती है लीज
आवासीय उपयोग की जमीन के लिए लीज मनी रिजर्व प्राइज का 2.5 फीसदी तथा व्यवसायिक उपयोग की भूमि की लीज मनी 5 फीसदी वसूली जाती है। इस तरह व्यवसायिक उपयोग की लीज मनी दुगुनी होती। आठ वर्ष की लीज राशि देकर वन टाइम लीज का भुगतान किया जा सकता है।
नियमों में भिन्नता से परेशानी
लीज में छूट के नियमों में भिन्नता से पेचीदगियां हो गई है। जेडीए ने जिन आवासीय योजनाओं को नगर निगम को हस्तांतरित कर दिया है, उनमें भूखंडों की लीज मनी में अंतर आ गया है। इसको देखते हुए एक समान लीज नियम होने चाहिए। लीज नियमों में भिन्नता से मकान मालिकों पर आर्थिक भार बढ़ा है। -गोपाल गुप्ता, चेयरमैन, क्रेडाई राजस्थान
फ्लैट खरीदारों से हो लीज वसूली
बहुमंजिला इमारतों में सभी फ्लैट बिकने के बाद बिल्डरों से लीज वसूली नहीं की जानी चाहिए। यह तार्किक रूप से गलत है। फ्लैट खरीदारों से ही लीज की वसूली की जानी चाहिए।
ओम प्रकाश मोदी, चेयरमैन, ओकेप्लस ग्रुप
प्रस्ताव सरकार के पास विचाराधीन

जेडीए ने निर्धारित ऊंचाई तक की बहुमंजिला इमारतों के लिए वन टाइम लीज वसूली का प्रस्ताव राज्य सरकार को भेज रखा है, ताकि बाद में लीज वसूली को लेकर कोई समस्या नहीं रहे।
शिखर अग्रवाल, जेडीसी
वैसे दोनों एजेंसियों के कानून अलग-अलग है। इनके तहत ही लीज वसूली के नियम बनाए हुए हैं। राज्य सरकार को इस संबंध में कोई ज्ञापन मिलता है, तो उस पर विचार जरूर किया जाएगा।
-अशोक जैन, अतिरिक्त मुख्य सचिव, यूडीएच