जयपुर. जम्मू कश्मीर में बाढ़ से आई आपदा में वायुसेना का जज्बा किस कदर लोगों की जान बचा रहा है, उसमें जयपुर का योगदान भी कम नहीं है। जयपुर के एक जांबाज
कश्मीर में 7500 लोगों की जान बचा चुके हैं। भगवान बाहुबली नगर, निवारू रोड, झोटवाड़ा के फ्लाइट लेफ्टिनेंट अभिमन्यु सिंह ऊधमपुर में पोस्टेड हैं। बाढ़ के बाद से वे हेलीकॉप्टर एमआई-17वी-5 पर कमान संभाले हुए हैं। सिंह अदम्य साहस से 7 दिन से कश्मीरियों और पर्यटकों की जान बचाने में लगे हैं। उनके पिता नरेंद्र सिंह ने बताया कि जो लोग बचकर आ रहे हैं, उन्हें देखकर सुकून मिल रहा है। उन्हें अपने पुत्र पर गर्व है। केंद्र सरकार और मीडिया की ओर से सेना को दिए जा रहे हौसले से सेना की हिम्मत और बढ़ गई है।
पत्नी मोनिका भी पीछे नहीं अभिमन्यु सिंह की पत्नी मोनिका सिंह ऊधमपुर में ही हैं। अभी ऊधमपुर में स्थिति सामान्य सी हो गई है, लेकिन जो लोग बचाए जा रहे हैं और जिनके घर कश्मीर के अन्य इलाकों में टूट-फूट गए हैं, उन्हें मदद करने और हौसला देने में वे पूरी तरह से लगी हुई हैं। मोनिका ने बताया कि जब सेना के जवान अपनी जान पर खेलकर लोगों को बचा रहे हैं तो वे यहां रहकर बचे हुए लोगों को आगे बढ़कर मदद तो कर ही सकती हैं। इसलिए कुछ महिलाओं की टीम बनाकर वे जो हो सकता है, करने को तत्पर हैं।
पीड़ितों की सहायतार्थ आगे आया रेसला
राजस्थान शिक्षा सेवा प्राध्यापक संघ (रेसला)
जम्मू कश्मीर के बाढ़ पीिड़तों की सहायतार्थ आगे आया है। रेसला के अध्यक्ष मोहन सिहाग का कहना है कि शनिवार को हुई आपातकालीन बैठक में व्याख्याताओं ने एक दिन का वेतन पीिड़तों की सहायता के लिए देने का निर्णय लिया। उधर, राजस्थान राज्य मंत्रालयिक कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष मनोज सक्सेना और राजस्थान शिक्षक संघ (प्रगतिशील) के मुख्य महामंत्री गिरीश शर्मा ने भी कर्मचारियों से 1 दिन का वेतन बाढ़ पीड़ितों के लिए देने की अपील की है।