करौली. टोडाभीम के कटारा अजीज में रविवार को होने वाली महापंचायत के लिए आंदोलनकारियों ने जहां कमर कस ली है, वहीं प्रशासन से लेकर सरकार तक चौकस हो गई है। आंदोलन के अगुवा कर्नल किरोड़ी सिंह बैसला ने शनिवार को आंदोलन को लेकर 24 गांवों के पंच पटेलों से आंदोलन की रणनीति बनाई। आरक्षण की लड़ाई शुरू करने से पहले कुल देवता का आशीर्वाद लिया। वे किसी हालत में समझौते के मूड में नहीं दिख रहे हैं तो पुलिस-प्रशासन ने भी चौकसी बरतनी शुरू कर दी है।
पांच तहसीलों में शनिवार रात से धारा 144 लगा दी गई। एसटीएफ और आरएसी चप्पे-चप्पे पर तैनात कर दी गई है। बैसला शनिवार दोपहर बाद गुड़ला गांव में परशु बाबा के देव स्थान पहुंचे। वहां गुर्जर समाज के बैसला व विडरवास गोत्र वाले 24 गांवों के पंच पटेलों के साथ रणनीति बनाई। कैप्टन हरप्रसाद तंवर ने भी अधिकाधिक लोगों को महापंचायत में पहुंचने की अपील दोहराई। कटारा अजीज गांव में रविवार को राजकीय माध्यमिक स्कूल के पीछे 10 बीघा क्षेत्र के निजी खेत में पांडाल बनाया गया है।
एसटीएफ और आरएसी जवानों ने संभाला मोर्चा : सुरक्षा के मद्देनजर कोटा से एसटीएफ के जवान और भरतपुर लाइन से 60 पुलिसकर्मी बुलाए गए हैं। करौली-भरतपुर से दो अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, करौली जिले के चार आरएएस अधिकारी एवं 14 सीआई महापंचायत की निगरानी करेंगे।
> पहले महापंचायत कर रहे हैं। वक्त आंदोलन की दिशा तय करेगा। आंदोलन क्या रुख लेगा, ये ईश्वर तय करेगा, लेकिन हक लेकर ही उठेंगे। चाहे अंजाम कुछ भी हो। कर्नल किरोड़ी सिंह बैसला
> गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति द्वारा प्रस्तावित महापंचायत के मद्देनजर जिले में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए टोडाभीम, नादौती, हिंडौन, मासलपुर एवं करौली क्षेत्र में शनिवार रात्रि से निषेधाज्ञा लगा दी। हम पूरी तरह तैयार हैं। डाॅ. बी.एल.जाटावत, कलेक्टर
> शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस पूरी तरह सजग है। एतिहात बतौर सुरक्षा की व्यवस्था की गई है। -योगेश यादव, एसपी