जयपुर. एसएमएस अस्पताल को थ्री लेयर और एन-95 मास्क उपलब्ध कराए जा रहे हैं। एन-95 मास्क ही स्वाइन फ्लू वायरस को रोकने में कारगर है। 5000 एन-95 मास्क अब तक एसएमएस अस्पताल को दिए गए हैं। 500 एन-95 मास्क रोजाना स्टाफ और डॉक्टरों के लिए चाहिए।
20,000 मास्क कम से कम इस्तेमाल होने चाहिए थे, जो नहीं हुए। यही कारण है कि स्टाफ और डॉक्टर भी स्वाइन फ्लू की जद में आ गए।
यहां सिर्फ साधारण मास्क
कांवटिया, जयपुरिया, गणगौरी अस्पताल में डॉक्टर्स, रेजीडेंट और स्टाफ के लिए केवल साधारण मास्क उपलब्ध हैं।
सरकार से छिपा रहे हकीकत
पिछले 7 दिनों से स्वाइन फ्लू को लेकर चिकित्सा मंत्री राजेन्द्र राठौड़ और टास्क फोर्स की लगातार बैठकें कर रहे हैं, पर हकीकत उनसे भी छिपाई गई। संदिग्ध मरीजों को देखने और जांच करने वाले के पास भी एन-95 मास्क नहीं हैं।
चिकित्सा मंत्री राजेन्द्र राठौड़ के एसएमएस में स्वाइन फ्लू की स्थिति का जायजा लेने के लिए किए गए दौरे के समय की तस्वीर। इसमें मंत्री, उनके साथ आए अफसरों, अस्पताल अधीक्षक और विभाग अध्यक्षों के अलावा लगभग सभी डॉक्टरों और कर्मचारियों को सामान्य मास्क दिए गए, जो स्वाइन फ्लू वायरस को रोकने में सक्षम नहीं है। वहीं, इनसेट में स्वाइन फ्लू वार्ड में अटेंडेंट और स्टाफ सामान्य मास्क और मफलर बांधकर अपना बचाव कर रहे हैं।