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डॉक्टरों को मैनेजर भी बनाएगा मेडिकल कॉलेज, बनेगी अलग से कंस्ट्रक्शन विंग

7 वर्ष पहले
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जयपुर. मेडिकल शिक्षा विभाग ने मरीजों को सही समय इलाज देने एवं समस्याओं की मॉनिटरिंग करने के लिए एसएमएस मेडिकल कॉलेज में एमडी (अस्पताल प्रशासक) पाठ्यक्रम शुरू करेगा। इसके लिए हैल्थ यूनिवर्सिटी तथा मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया को प्रस्ताव बनाकर भेजा जाएगा। पाठ्यक्रम में प्रवेश लेने वालों की योग्यता एमबीबीएस होगी। इसके अलावा कॉलेज से जुड़े अस्पतालों के प्रोजेक्ट का सही समय पर निर्माण कराने के लिए मेडिकल शिक्षा निदेशालय के अधीन अलग से कंस्ट्रक्शन विंग भी बनाया जाना प्रस्तावित है।
इसलिए पड़ी जरूरत
मेडिकल कॉलेज से जुड़े अस्पतालों में प्रशासनिक पदों पर डॉक्टरों के लगे होने से मरीजों का इलाज प्रभावित हो रहा है। इनके पास समय की कमी के चलते प्रोजेक्ट में भी देरी हो जाती है। पेशेंट व क्रिटिकल केयर, बेहतर इलाज की सुविधा देने के लिए योजना बनाना, किसी भी तरह की आपदा से निपटने के लिए हर समय तैयार रहना आदि उद्देश्यों की पूर्ति के लिए अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान(एम्स) नई दिल्ली, क्रिश्चियन मेडिकल कॉलेज (सीएमसी) वेल्लोर, आर्मंड फोर्स मेडिकल कॉलेज पूणे के अलावा महाराष्ट्र, गुजरात, कोलकाता में हॉस्पिटल एडमिनिस्ट्रेशन पाठ्यक्रम संचालित है।
इधर, 200 डॉक्टरों का नहीं हो रहा उपयोग
एक तरफ डॉक्टरों की कमी है, वहीं दूसरी ओर स्वास्थ्य निदेशालय, राजस्थान मेडिकल सर्विसेज काॅर्पोरेशन लिमिटेड, ड्रग वेयर हाउस, सीएमएचओ कार्यालय में 200 से अधिक डॉक्टर लगे हंै। जबकि ड्रग वेयर हाउस में लगे 50 से अधिक डॉक्टरों के स्थान सीनियर फार्मासिस्टों को नियुक्त करके इन्हें उपयोग में लिया जा सकता है।
मेडिकल कॉलेजों में सेंट्रल रिसर्च लैब
जयपुर, अजमेर, जोधपुर, उदयपुर, बीकानेर एवं कोटा मेडिकल कॉलेज में स्थानीय बीमारियों पर शोध के लिए सेंटल रिसर्च लैब बनेगी। जिससे आसपास फैलने वाली बीमारी के कारण, इलाज एवं उपचार पर शोध करके उस पर काबू पाया जा सकेगा। इसके लिए केन्द्र सरकार के आईसीएमआर का भी सहयोग लिया जाएगा।
क्लीनिकल व नॉन क्लीनिकल डॉक्टरों का सही जगह इस्तेमाल करने के लिए एसएमएस मेडिकल कॉलेज में एमडी (अस्पताल प्रशासक) नामक पाठ्यक्रम शुरू करने की योजना है। प्रस्ताव तैयार कर हैल्थ यूनिवर्सिटी को भेजा जाएगा। हमें जानकारी मिली है कुछ डॉक्टर ऐसी जगह लगे हैं, जहां कोई मतलब नहीं है। विभाग के अधिकारियों से ऐसे डॉक्टरों की सूची मांगी है। -राजेन्द्र राठौड़, चिकित्सा मंत्री