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डाउनलोड करेंजयपुर । अजमेर पुलिया पर मंगलवार सुबह मेट्रो ट्रैक निर्माण के दौरान क्रेन का बूम टूटकर गिर गया। क्रेन के बूम पर सैग्मेंट लॉन्च करने वाला लोहे का करीब 28 टन वजनी लांचर लटका हुआ था। जिस स्थान पर यह घटना हुई उसके पास से ही भारी ट्रैफिक गुजरता है। किस्मत से घटना के समय लांचर को लटकाए हुई यह हाइड्रोलिक क्रेन ऐसे स्थान पर थी, जहां कोई आता-जाता नहीं।
इससे किसी को चोट नहीं लगी। घटना के तुरंत बाद यहां काम कर रहे इंजीनियरों ने तुरंत ही दूसरी क्रेन मंगवाई और काफी मशक्कत के बाद इस क्रेन से बूम को उठाया। इसके बाद ही वाहनों का संचालन फिर से शुरू किया जा सका। घटना के दौरान मौजूद कुछ लोगों ने बताया कि सुबह करीब सात बजे क्रेन लोहे के लांचर को उठाकर मेट्रो ट्रैक पर ले जा रही थी।
इस दौरान क्रेन का बूम टूटकर मेट्रो ट्रैक पर जा गिरा। घटना के बाद पुलिस, डीएमआरसी और ठेकेदार कंपनी आईटीडी के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे।
हो सकती थी बड़ी दुर्घटना
डीएमआरसी के अधिकारियों का कहना है कि घटना में किसी के चोट नहीं आई है। असल में जहां इस प्रकार का काम होता है, वहां किसी का भी मूवमेंट नहीं होने दिया जाता। यही स्थिति दुर्घटना वाले स्थल पर थी। इस स्थान पर तो कोई व्यक्ति आमतौर पर आता-जाता नहीं। यदि यह घटना ठीक दूसरी ओर यानी अजमेर पुलिया रोड पर होता तो बड़ा हादसा हो सकता था।
अजमेर पुलिया पर लग गया जाम
घटना के साथ ही अजमेर पुलिया पर जाम लग गया। पुलिस ने जाम की स्थिति को देखते हुए रास्ता डायवर्ट किया। पुलिस ने सोडाला से कमिश्नरेट की ओर आने वाले वाहनों को वहीं रोक दिया, ताकि आगे और जाम नहीं लगे।
क्यों टूटा मेट्रो का बूम?
जवाब- यह हाइड्रोलिक टेलीस्कोपिक बूम का मैकेनिकल फेल्योर है। यह क्रेन के बेस जुड़ा रहता है, वहीं से निकल गया।
कितना वजन उठा सकते हैं? कितना उठाया था?
जवाब- 135 टन वजन इस क्रेन से उठाया जा सकता है। मेट्रो साइट पर हादसे के वक्त केवल 28 टन वजन उठा रहे थे।
गलती किसकी?
जवाब- यह मैकेनिकल फॉल्ट की वजह से टूटा है। किसी व्यक्ति की कोई लापरवाही नहीं। बूम लांचर को लेकर नीचे आ ही गई थी, लेकिन स्विंग कराते वक्त यह टूट गया। क्रेन बनाने वाली कंपनी की गलती के बारे में अभी कुछ नहीं कहा जा सकता।
क्रेन बनाने वाली कंपनी पर हो सकती है कार्रवाई
अधिकारियों के अनुसार चूंकि क्रेन में मैकेनिकल फॉल्ट की वजह से यह घटना हुई है। जानकारों का कहना है कि इसे मैनुफैक्चरिंग डिफेक्ट माना जाएगा। ऐसे में क्रेन निर्माण करने वाली कंपनी पर कार्रवाई की जा सकती है।
अजमेर पुलिया पर ट्रैफिक की आवाजाही के बीच गिरा क्रेन का बूम, शुक्र है, जिस ओर गिरा उधर कोई आता-जाता नहीं
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