जयपुर. जलदाय मंत्री किरण माहेश्वरी व सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अरूण चतुर्वेदी ने रविवार सुबह पांच बजे पीलिया से प्रभावित सोढ़ाला का जायजा लिया और पानी के नमूने लिए। जलदाय मंत्री ने सप्लाई हो रहे पानी को पीकर लोगों को क्षेत्र में स्वच्छ पेयजल सप्लाई होने का विश्वास दिलाया। दोनों मंत्री पीलिया से पीड़ित परिवारों से भी मिले। लोगों ने एक्सईएन मुकेश गोयल व एईएन दीपक शर्मा के क्षेत्र में नहीं आने व फोन नहीं उठाने की शिकायत की।
मंत्री ने अफसरों को फोन अटेंड करने और सप्ताह में तीन दिन क्षेत्र का दौरा करने के निर्देश दिए। वहीं विभाग के इंजीनियरों ने दोनों मंत्रियों को पीलिया से चार दिन पहले हुई मौत व दूषित पानी से प्रभावित सुशीलपुरा व आसपास के क्षेत्र से दूर रखा। इससे दौरा पर ही सवाल उठने लगे है। दोनों मंत्रियों ने महापौर निर्मल नाहटा, निगम के सीईओ ज्ञानाराम व जलदाय विभाग के एडिशनल चीफ इंजीनियर दिनेश शर्मा, चीफ केमिस्ट राकेश माथुर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ कुमावत कॉलोनी, गणेश नगर, फुटलिया बाग व मजदूर नगर क्षेत्र का दौरा किया।
चतुर्वेदी ने उठाया अवैध कनेक्शन का मुद्दा
चतुर्वेदी ने माहेश्वरी से फुटलिया बाग व अन्य कॉलोनियों में भारी संख्या में अवैध नल कनेक्शन चलने की शिकायत दर्ज कराई। आए दिन पानी की पाइप लाइनों से छेड़छाड़ से पानी की शुद्धता भी प्रभावित होती है। माहेश्वरी ने विभाग के अधिकारियों को 1 से 15 जनवरी तक शिविर लगाकर अवैध कनेक्शनों को नियमित करने के निर्देश दिए है। फुटलिया बाग क्षेत्र में हैण्डपंप के आस-पास की सफाई कराने व कचरा पात्र हटाने के निर्देश दिए।
मंत्री ने निगम अफसरों को बताया लापरवाह
माहेश्वरी ने निगम पर लापरवाही का आरोप लगाया और कहा कि मजदूर नगर में पेयजल की लाइनों के समीप सीवरेज लाइनें डाल दी है, जिससे लाइनों के मिक्स अप होने की आशंका है। निगम ऐसी सीवरेज लाइनों को चिन्हित कर जलदाय विभाग को अवगत कराए।
, ताकि इन पाइप लाइनों को सीवरेज पाइप लाइनों के चैम्बर से दूर किया जा सकें।
समाधान के लिए बनेगी जल जागरूक समितियां
पेयजल समस्या समाधान के लिए विधायकों की अनुशंसा पर वार्ड स्तर पर रजिस्टर्ड जल जागरूक समितियां बनाई जाएगी। जलदाय मंत्री ने बताया कि सभी विधायक समितियां बनाकर जलदाय विभाग से रजिस्ट्रेशन की अनुशंसा करें। वार्ड समितियां अपने वार्ड में रजिस्टर भी मेंटेन करें।
यह रजिस्टर किसी सार्वजनिक स्थान पर रखा जाएगा। इसमें आमजन वार्ड की पेयजल गुणवत्ता, लीकेज, पेयजल प्रेशर व हैण्डपंप रिपेयर संबंधी शिकायतें दर्ज करें। दर्ज शिकायत का संबंधित एक्सईएन व एईएन को तीन दिन में काम करना होगा। लापरवाही करने वाले इंजीनियरों पर सख्त कार्रवाई होगी।