जयपुर. जिलों के प्रभारी मंत्रियों ने बुधवार को अपने-अपने प्रभार वाले जिलों में जनप्रतिनिधियों और अफसरों के साथ बैठक की और आगामी बजट में शामिल किए जाने वाले मुद्दे और योजनाओं के बारे में जानकारी ली। साथ ही मौजूदा बजट की घोषणाओं की समीक्षा में पूछा कि कौन-कौन से ऐसी योजनाएं हैं जो जिले में शुरू नहीं हुई या जिनका काम धीमी गति से चल रहा है। बैठक में संबंधित जिलों के सांसद, विधायक, जिला प्रमुख, कलेक्टर और अधिकारी मौजूद रहे।
जयपुर में प्रभारी मंत्री कालीचरण सराफ ने बैठक ली। दौसा में विधायक ओमप्रकाश हुड़ला ने प्रभारी मंत्री अरुण चतुर्वेदी की मौजूदगी में कलेक्टर और जिला प्रशासन के अफसरों पर भ्रष्टाचार के आराेप लगाकर सनसनी फैला दी। हालांकि कलेक्टर मुक्तानंद अग्रवाल छुट्टी पर होने से बैठक में नहीं थे। एडीएम कैलाशचंद्र शर्मा, जिला परिषद सीईओ राजेंद्र प्रसाद शर्मा और अन्य अफसर हुड़ला के आरोपों से सन्न रहे गए। हुड़ला का कहना था कि कलेक्ट्रेट में पैसे के बिना कोई काम नहीं होता।
भूमि रूपांतरण के मामले में उन्होंने कहा कि आठ माह से उनकी फाइल कलेक्ट्रेट में अटकी पड़ी है। हुड़ला ने महवा के एक निलंबित राशन डीलर को बहाल करने में डीएसओ की भूमिका पर भी सवाल उठाए। बाद में मंत्री चतुर्वेदी ने बैठक में मौजूद एडीएम कैलाशचंद्र शर्मा को सात दिन में भूमि रूपांतरण के मामले में जवाब प्रस्तुत करने के लिए कहा। उधर, एडीएम शर्मा ने भास्कर के सवाल पर कहा- हुड़ला जिस भूमि रूपांतरण के मामले में भ्रष्टाचार के आराेप लगा रहे हैं, उसमें प्रशासन के स्तर पर कोई खामी नहीं है। इस मामले में जमीन का वाणिज्यिक रूपांतरण चाहा गया है लेकिन आवेदक की ओर से प्रयोजन ही नहीं बताया गया।
प्रभारी आज मुख्यमंत्री को देंगे फीडबैक
जिलों में बैठकों में सामने आने वाले मुद्दों पर मुख्यमंत्री सभी प्रभारी मंत्रियों के साथ बैठक करेंगी। गुरुवार को जयपुर, बीकानेर और भरतपुर संभाग के सभी जिला प्रभारी मंत्रियों के साथ बैठक होगी।