(होटल मैरियट में प्रभा खेतान फाउंडेशन मेमोरियल लेक्चर को संबोधित करते पूर्व विदेश मंत्री नटवर सिंह। इस मौके पर उपस्थित गेस्ट।)
स्याही और प्रभा खेतान फाउंडेशन की ओर से आयोजित मेमोरियल लेक्चर के दौरान पूर्व विदेश मंत्री नटवर सिंह ने इंदिरा गांधी और सोनिया गांधी से उनके रिश्ते व उनकी लीडरशिप को लेकर सिटी रिपोर्टर से की बातचीत।
जयपुर. अपने लंबे राजनीतिक कॅरिअर में नटवर सिंह ने इंदिरा गांधी और सोनिया गांधी दोनों की लीडरशिप को करीब से देखा। वे कहते हैं, इंदिरा ने हमेशा उन्हें बच्चे जैसा प्यार दिया, जबकि सोनिया ने विश्वासघात किया। उन्हें मुझ पर लगे आरोपों के वक्त साथ खड़ा होना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। मेरे अनुरोध पर केवल आई एम सॉरी कहकर मामला टाल दिया।
जिस इंदिरा ने मुझे प्यार दिया, सोनिया ने उन्हीं से राजनीति करनी सीखी थी। दुनिया की सबसे ताकतवर महिला होने के बाद भी इंदिराजी ने कभी सोनिया से किनारा नहीं किया, बल्कि मां की तरह प्यार दिया। मुझे याद नहीं, कभी सास-बहू में तकरार हुई, जबकि इटली की होने के कारण सोनिया की भाषा और कल्चर बिल्कुल अलग था।
दोनों के काम करने के तरीकों में वैसे एक समानता है, वह यह कि जिस तरह इंदिरा राजनीति पर बात करते समय खामोश रहती थी। राजनीति के बाद खुलकर बिंदास हंसी मजाक और एंजॉय करती थी, वैसी ही सोनिया भी हैं। जहां तक सास और बहू में से कौन ज्यादा ताकतवर है, का सवाल है। इसमें कोई शक नहीं, इंदिरा गांधी प्रधानमंत्री थी, तो वो ही होंगी।
उनके समय कांग्रेस में दिग्गज नेता हुआ करते थे, इसलिए इंदिरा को उन दिग्गजों के विरोध का सामना और संघर्ष करना पड़ता था। सोनिया गांधी के समय ऐसा नहीं है। वे ही सर्वोपरि हैं। सोनिया के सामने कोई मुंह नहीं खोल सकता। इस मौके पर प्रभा खेतान फाउंडेशन के संदीप भूतोड़िया सहित कई गणमान्य लोग मौजूद थे।
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