जयपुर. केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय ने केंद्रीय मोटर व्हीकल एक्ट का नया मसौदा (ड्राफ्ट) तैयार कर लिया है। इसमें पुराने लाइसेंस धारकों को भी नए लाइसेंस लेने का प्रावधान है। नया एक्ट लागू होने के दो साल में पुराने लाइसेंस खुद ही निरस्त हो जाएंगे।
नए लाइसेंस के लिए ऑटोमेटिक कंप्यूटराइज्ड ड्राइविंग ट्रायल देना होगा, जिसमें पास होने के बाद ही स्थायी लाइसेंस मिलेगा। नए ड्राफ्ट में लाइसेंसों की कैटेगरी बढ़ाकर आठ कर दी गई है। थ्री-व्हीलर वालों को भी अलग से लाइसेंस मिल सकेगा। मीडियम एवं भारी वाहनों के लाइसेंस को चार कैटेगरी में बांटा गया है।
लाइसेंस की कैटेगरी
टू-व्हीलर, थ्री-व्हीलर, लाइट मोटर व्हीकल, मीडियम एंड हैवी पैसेंजर व्हीकल, लाइट एवं मीडियम गुड्स व्हीकल, हैवी गुड्स व्हीकल, नॉन-रोड
मोबाइल मशीनरी और एग्रीकल्चर यानी ट्रैक्टर।
मसौदे के अन्य प्रावधान
कॉमर्शियल वाहनों
लाइसेंस लेने वालों की उम्र 20 साल से बढ़ाकर 21 साल,
प्रत्येक लाइसेंस के लिए मोटर ड्राइविंग स्कूलों से प्रमाण-पत्र लेना, कर्मचारी-अधिकारी यूनियन बनाने और किताबों के पब्लिकेशन पर रोक रहेगी।
शुरुआत में लाइसेंस 40 साल की उम्र तक बनेगा। उसके बाद 60 साल तक 10-10 साल और 60 की उम्र के बाद पांच साल के लिए रिन्यूवल हो सकेगा। वाहन खरीदने से पहले डीलर और एजेंसी के जरिए सत्यापित पार्किंग नक्शा देना होगा।
राज्य में लाइसेंसों को स्थिति वर्ष 2013-2014
करीब 1 करोड़ 50 लाख लोगों को स्थायी लाइसेंस जारी हो चुके हैं।
8 लाख लोग प्रति वर्ष स्थायी लाइसेंस ले रहे हैं। इसमें से सबसे अधिक जयपुर में 2 लाख प्रति वर्ष बन रहे हैं।