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हिमाचल की रियासत को जयपुर से मिलेगा राजा, 15 को होगी ताजपोशी

8 वर्ष पहले
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जयपुर। हिमाचल प्रदेश की पूर्व रियासत सिरमौर में इन दिनों जश्न का माहौल है। नाहन में शाही महल की सजावट चल रही है और यहां के बाशिंदे पूरे जोश और उत्साह के साथ मेहमानों के स्वागत सत्कार की तैयारियों में जुटे हैं। 15 मई, 2013 को होने जा रही हिमाचल के नए राजा की ताजपोशी इस उल्लास की वजह है। रोचक है कि सिरमौर के इस नए राजा की उम्र महज 9 साल है और हिमाचल प्रदेश को यह राजा जयपुर से मिलने जा रहा है।
बेशक आधिकारिक तौर पर राजशाही अब खत्म हो चुकी है, लेकिन राजपरिवारों में उत्तराधिकार आज भी खास मायने रखता है। जयपुर के पूर्व राजपरिवार में बड़े बेटे पद्मनाभ के नाना, पूर्व महाराजा भवानी सिंह का उत्तराधिकारी बनने के बाद पूर्व राजकुमारी दीया कुमारी का छोटा बेटा लक्ष्य राज, अब अपनी नानी, पद्मिनी देवी के परिवार का उत्तराधिकारी बनने जा रहा है।
इसके साथ ही एक ही राजपरिवार के बेहद कम उम्र के दो महाराजा दो अलग-अलग पूर्व रियासतों की कमान संभालने की तैयारी में हैं। इसी सिलसिले में सिरमौर स्थित नाहन के शाही महल में 15 मई, 2013 को लक्ष्य राज का तिलक होने जा रहा है। लक्ष्य अपनी नानी के पिता राजेन्द्र प्रकाश का उत्तराधिकार प्राप्त करने जा रहे हैं।
गौरतलब है कि लक्ष्य राज को सिरमौर के महाराजा का पद संभलवाने की औपचारिक रस्म के सिलसिले में 13 अप्रैल 2013 को सिटी पैलेस में हवन और मंत्रोच्चार के बीच भावी महाराजा का पैतृक गोत्र मानव बदलकर सिरमौर राजघराने के अत्रि गोत्र में तब्दील किया गया है।
ऐसे में मां दीया और नानी पद्मिनी देवी समेत पूरे राजपरिवार में इन दिनों खुशी की लहर है। पूर्व राजमाता पद्मिनी देवी उत्साहित होते हुए कहती हैं, लंबे समय के बाद सिरमौर को उत्सव की वजह मिली है। देशभर के राजघरानों के सदस्य इस समारोह का हिस्सा बनने के लिए नाहन पहुंच रहे हैं, आखिरकार यह कोई मामूली मौका नहीं है। मेरे पिता की मृत्यु के करीबन 50 साल बाद यहां पहला बड़ा आयोजन है।
जयपुर से हिमाचल का रिश्ता
जयपुर से हिमाचल का यह रिश्ता तब बना जब पद्मिनी देवी का विवाह पूर्व महाराजा भवानी सिंह के साथ तय हुआ। असल में पद्मिनी देवी सिरमौर के अंतिम राजा राजेन्द्र प्रकाश की पुत्री हैं। राजेन्द्र प्रकाश की दो पत्नियां थीं, दुर्गा देवी और इंदिरा देवी। इंदिरा देवी की पुत्री पद्मिनी देवी हैं, जिनकी बेटी दीया कुमारी के छोटे बेटे लक्ष्य राज, राजेन्द्र प्रकाश के उत्तराधिकारी बनने जा रहे हैं।
उत्तराधिकार में हस्तक्षेप
दूसरी ओर राजेन्द्र प्रकाश की दूसरी पत्नी दुर्गादेवी की बेटी नलिनी के बेटे उदयप्रकाश भी इस गद्दी पर अपना दावा जता रहे हैं। 55 वर्षीय उदयप्रकाश का कहना है कि उनकी नानी ने उन्हें गोद लिया था, इसलिए सिरमौर की गद्दी पर पहला हक उनका है।
इस पर पद्मिनी देवी कहती हैं, मेरे पिता ने उदयप्रकाश को कभी गोद नहीं लिया। जिस तरह जयपुर के पूर्व महाराजा स्व. भवानी सिंह की मृत्यु के बाद 14वें दिन पद्मनाभ को उत्तराधिकार सौंपा गया था, मेरे पिता की मृत्यु के बाद ऐसा कुछ नहीं हुआ। ऐसे में सिरमौर को उत्तराधिकारी की जरूरत तब महसूस हुई, जब उदयप्रकाश महाराजा की पदवी का इस्तेमाल करने लगे।
सिरमौर के स्थानीय लोगों को इस पर खासा एतराज हुआ। लक्ष्यराज को सिरमौर का उत्तराधिकार सौंपना, उन्हीं का आग्रह है। वे कहती हैं, मेरे पिता मुझे अपना बेटा मानते थे। जब सिरमौर के लोगों ने मेरे सामने प्रस्ताव रखा कि लक्ष्य राज मेरे पिता का उत्तराधिकारी हो तो मेरे लिए यह महत्वपूर्ण था।
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