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चुनाव आयोग: इतनी महंगाई में भी लालटेन-ताला @7 रुपए

8 वर्ष पहले
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श्रीगंगानगर. ज्यादातर घरों से लालटेन भले ही गायब हो गया हो, लेकिन चुनाव आयोग अब भी दशकों पुराने लालटेन पर ही निर्भर है। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि लोकसभा चुनाव में मतदान के दिन पोलिंग पार्टियों व बीएलओ को आज भी लालटेन खरीदने के लिए 7 रु. दिए जाते हैं। यह बात अलग है कि सात रुपए में लालटेन तो क्या, उसका शीशा भी नहीं खरीदा जा सकता। लालटेन की नकदी देने के पीछे अफसरों के तर्क और भी रोचक हैं। चुनाव करवा रहे अधिकारी बताते हैं, चुनाव आयोग सात रुपए लालटेन के देता है। वह राशि हम बीएलओ को दे देते हैं। इसमें हम कुछ नहीं कर सकते।

सूत्रों के अनुसार लोकसभा चुनाव में मतदान के दौरान मतदाताओं व पोलिंग पार्टियों को हर सुख-सुविधा देने के लिए चुनाव आयोग ने प्रति बूथ 1322 रु. का बजट आवंटित किया है। इनसे क्या-क्या खरीदा जाना है, यह भी आप जान लें। इस सूची में ऐसा-ऐसा सामान है, जो अव्वल तो उपयोग होता नहीं। यदि उपयोग होता भी है तो उस राशि से खरीदा नहीं जा सकता। बीएलओ ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि आयोग एक ओर तो मतदान के दौरान आम लोगों से आवभगत नहीं कराने की पाबंदी करता है। दूसरी ओर, पोलिंग पार्टी में चार कर्मियों के चाय, नाश्ते व खाने के लिए मात्र 150 रु. देता है। इससे तीन दिन तक आखिर कैसे चाय, नाश्ता व खाना दिया जा सकता है।