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डाउनलोड करेंजयपुर. सरकार की 60 दिन की कार्ययोजना सोमवार को विधानसभा में छायी रही। सत्तापक्ष के लगभग हर सदस्य की जुबान पर सरकार का विजन था, जिसके तहत आमजन को जल्द राहत के लिए 60 दिन की कार्ययोजना बनाई गई। हर सदस्य वाहवाही में जुटा था, वहीं कई सदस्यों ने पूछा, ये 60 दिन कब शुरू होंगे और कब खत्म। अब तक खत्म हो चुके 43-44 दिन का हिसाब भी उन्होंने सत्तापक्ष से पूछा।
राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान सत्ता और प्रतिपक्ष के सदस्य सरकार की कार्ययोजना को लेकर जमकर बोले। भाजपा के ज्ञानचंद पारख, मोहनलाल गुप्ता, बाबूसिंह राठौड़, सुरेंद्र सिंह ने बारी-बारी से जनता के काम न होने पर पिछली कांगे्रस सरकार को कोसा। खुद की सरकार को विजन के साथ काम करने वाली बताया।
'एक-दूसरे पर आरोप लगाते रहते हैं'
बसपा के मनोज न्यांगली ने कहा कि सदन में हम भाजपा-कांगे्रस में फंसकर एक-दूसरे पर आरोप लगाते रहते हैं। मैं पूछता हूं कि काम करने के लिए 60 दिन क्यों, 60 मिनट में काम क्यों नहीं कर सकती सरकार। उन्होंने कहा कि कोई भी बेरोजगार नौकरी के लिए फार्म भरता है तो उससे चरित्र प्रमाण पत्र मांगा जाता है। एसपी ऑफिस जाता है तो थाने को आदेश दे दिया जाता है। लेकिन चरित्र प्रमाण पत्र कई चक्कर खाने के बाद मिलता है।
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