जोधपुर. मेहरानगढ़ एक बार फिर देश-विदेश के नामी लोक गायकों कलाकारों की जादुई कला का साक्षी बनने जा रहा है। यहां मेहरानगढ़ म्यूजियम ट्रस्ट की मेजबानी में शुक्रवार को तीन दिवसीय वर्ल्ड सेक्रेड स्पिरिट फेस्टिवल 2015 शुरू होगा।
लोक सुरों के इस आठवें संस्करण में पहली बार हिमालय से लेकर मोरक्को, एटलस मध्य ईरान और अफ्रीकन लोक कलाकार अपने सुरों देसी वाद्यों से स्वर लहरियां बिखरेंगे। ये कलाकार सीमांचल के लंगा मांगणियारों के साथ जुगलबंदी करेंगे। इनमें दिल्ली के सूफी गायक मदनगोपाल सिंह मोरक्को की चेरिफा जैसी नामी कलाकार शामिल हैं।
मेहरानगढ़ के चोखेलाव महल में गुरुवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में ट्रस्ट निदेशक करणीसिंह जसोल आर्टिस्ट डायरेक्टर एलन वेबर ने पत्रकारों को बताया कि फेस्टिवल में हिमालय, मोरक्को एटलस क्षेत्र के कलाकार शिरकत करेंगे। अफ्रीकी महाद्वीप के देश माली के लोक कलाकार कोरा वाद्य यंत्र पर लंगा मांगणियारों के साथ सारंगी कमायचा से जुगलबंदी करेंगे।
ये राजाओं की परंपरा के अनुसार खुशामद संगीत सुनाएंगे। दिल्ली के सूफी गायक मदनगोपाल सिंह भी राजस्थान लोक कलाकारों के साथ संगत करेंगे। स्पेन के जिप्सी यानी बंजारे तथा चीन के ले डे गो पीपा बजाकर प्रस्तुति देंगे। इस फेस्टिवल में पहली बार जनाना ड्योढ़ी के अलावा चोखेलाव, धन्ना भींया की छतरी, राव जोधा डेजर्ट रॉक पार्क, राणीसर पर प्रस्तुति होगी।