जयपुर. वसुंधरा सरकार के एक साल के जश्न समारोह का कांग्रेस ने जयपुर सहित प्रदेशभर में विरोध किया। जयपुर में बड़ी चौपड़ पर प्रदर्शन के दौरान पार्टी प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट ने कहा कि वसुंधरा सरकार ने एक साल में जनता का एक काम नहीं किया। बिना काम किए भाजपा सरकार खुद की पीठ थपथपाने के लिए लोगों को जयपुर बुलाया गया।
यानी बिना काम के खुद की पीठ थपथपाना ही भाजपा सरकार की पहचान बन गई है। जयपुर जिला कांग्रेस की आेर से किए गए प्रदर्शन के दौरान पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने करीब डेढ़ घंटा धरना भी दिया। पायलट ने कहा कि जश्न को मनाने के लिए भाजपा सरकार ने बच्चों के स्कूलों की छुट्टी घोषित करवा दी।
प्रत्येक कर्मचारी-अधिकारियों को अनिवार्य रूप से अवकाश के दिन सभास्थल पर उपस्थित होने का आदेश दिया और भीड़ बढ़ाने का प्रयास किया। जब मुख्यमंत्री खुद यह स्वीकार कर रही हैं कि आचार संहिता के चलते जनता की आकांक्षाओं को पूरा नहीं कर पाए तो फिर जश्न किस बात का मनाया जा रहा है।
काला चश्मा, स्कार्फ पहनकर जताया विरोध
कांग्रेस पदाधिकारियों तथा कार्यकर्ताओं ने काला चश्मा तथा टोपी पहनकर विरोध जताया। कांग्रेस की उपाध्यक्ष एवं मीडिया सेंटर की चेयरपर्सन डॉ. अर्चना शर्मा ने कहा, मैं काला चश्मा नहीं पहनती, लेकिन भाजपा सरकार ने लोगों की आंखों में धूल झोंकी है, उसके विरोध में आज काला चश्मा पहना है। प्रदेश प्रवक्ता प्रतापसिंह खाचरियावास ने कहा कि सरकार ने 15 लाख नौकरियों का वादा किया था।
घोषणापत्र को सरकारी दस्तावेज बनाने का वादा किया था। एक साल में सब धरा रह गया। धरने को उपाध्यक्ष राजीव अरोड़ा, महासचिव माहिर आजाद, सचिव अमीन कागजी, सुरेश मिश्रा, सांसद अश्कअली टाक, पूर्व सांसद महेश जोशी ने भी संबोधित किया।
समीक्षा के नाम पर योजनाएं रोकी गईं
पायलट ने आरोप लगाया कि कांग्रेस राज में शुरू की गई मुफ्त दवा योजना, रिफाइनरी प्रोजेक्ट को सरकार ने समीक्षा के नाम पर रोक रखा है। जनता की गाढ़ी कमाई को पूरी प्रशासनिक व्यवस्था के दुरुपयोग के साथ सिर्फ खुद की संतुष्टि के लिए क्यों बहाया जा रहा है।
एक साल से नाटक कर रही हैं वसुंधरा
जोधपुर में कांग्रेस के धरने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मीडिया से कहा, मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे खुद कह रही हैं कि एक साल में उन्हें 151 दिन ही मिले। इसलिए काम नहीं कर पाई। जब काम ही नहीं किया जो जश्न किस बात का। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री पहले 13 दिसंबर को बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं का सम्मेलन बता रही थी, अब इसको सरकारी प्रोग्राम बना दिया।
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