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25 नए पार्क, ग्रीन बेल्ट बनाने की जगह ही नहीं, जेडीए का दावा खोखला निकला

7 वर्ष पहले
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जयपुर. जेडीए की ओर से मानसून से पहले शहर में 25 नए पार्क, बड़ी सड़कों के पास ग्रीन बेल्ट, थीम बेस्ड प्लांटेशन, अमानीशाह नाले के आसपास ग्रीनरी विकसित करने का दावा खोखला साबित हो रहा है। मानसून खत्म होने को है, लेकिन अभी तक कोई भी प्लान कारगर नहीं हुआ। इस बारे में जेडीए की उद्यान शाखा के अफसरों का कहना है कि जहां जगह मिल रही है, वहां प्लांटेशन कर रहे हैं। बड़े पार्क, ग्रीन बेल्ट आदि के लिए पर्याप्त जगह उपलब्ध नहीं हो पाई। दुनिया धरती को बचाने के लिए ओजोन परत संरक्षण दिवस मना रही है, मगर शहर में पौधे लगाने की व्यवस्था ही ध्वस्त है।
पौधे लगाए, सुरक्षा व्यवस्था लचर
उद्यान शाखा ने अभी तक शहर में करीब 65 से 70 हजार पौधे सड़कों, बाहरी कॉलोनियों, छोटे पार्क आदि में लगाए हैं, लेकिन इनकी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नजर नहीं आ रहे।
झुक गई पौध
अधिकतर जगह बड़े पौधे लगाए थे, ताकि जल्द जड़ें पकड़ लें। इसके विपरीत जगतपुरा, दिल्ली रोड, प्रताप नगर और बाहरी सड़कों पर लगाए गए पौधे सड़कों की ओर झुक गए।
20 हजार पौधे और रोपेंगे : उद्यान शाखा के सीनियर हॉर्टिकल्चरिस्ट भोजराज सिंह के मुताबिक, करीब 20 हजार और पौधे लगाने हैं। हालांकि इनकी सुरक्षा व्यवस्था की गारंटी के सवाल पर उन्होंने इतना कहा कि अभी तक तो सब सही है, बरसात के बाद पानी और सुरक्षा व्यवस्था पर निर्भर रहेगा। इसके लिए संबंधित फर्मों को पाबंद करेंगे। उद्यान शाखा की ओर से फिलहाल दो बड़े प्रोजेक्ट पर काम किया जा रहा है। आगरा रोड पर 50 हेक्टेयर के सिल्वन पार्क (फोरेस्ट लैंड पर ) व बी-2 बाईपास के पास 8 हेक्टेयर में वुडलैंड पार्क (पहले का प्रोजेक्ट) में।
जहां जगह वहां पेड़
जहां जगह मिल रही है, वहां प्लांटेशन कर दिया है। बड़े पार्क और सड़कों के किनारे लंबी-चौड़ी ग्रीन बेल्ट विकसित करने के लिए जितनी जगह चाहिए, वो नहीं मिली। - अक्षय सिंह, कंजर्वेटर फॉरेस्ट और इंचार्ज, उद्यान शाखा, जेडीए
25 पार्कों के लिए जगह की जानकारी ही नहीं मिली
जेडीसी के दखल पर उद्यान शाखा की ओर से सभी जोन उपायुक्तों से उनके जोन में बड़ी खाली जगहों की जानकारी मांगी गई थी, ताकि वहां पार्क बनाकर अच्छा प्लांटेशन कराया जा सके, लेकिन केवल 4-5 उपायुक्तों ने ही जानकारी दी। इनकी ओर से बताई जगह भी इतनी नहीं है कि वहां बड़ी संख्या में प्लांटेशन हो सके।
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