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डाउनलोड करेंजयपुर। मंत्रालयिक कर्मचारी भी अब अधीनस्थ सेवाओं में पदोन्नत हो सकेंगे। इसके लिए नियमों में जल्द संशोधन किया जाएगा। कनिष्ठ लिपिक और वरिष्ठ लिपिक की शैक्षणिक योग्यता में किए गए बदलाव के बाद अब इनके पदनाम में भी संशोधन किया जाएगा। वित्त विभाग की ओर से कार्मिक विभाग के भेजे गए पत्र में इनकी मंजूरी देते हुए नियमों में संशोधन की सिफारिश की गई है।
प्रमुख वित्त सचिव की अध्यक्षता में गठित समिति ने इस संबंध में सिफारिशें की थी। इन सिफारिशों को मंत्रिमंडल से 2 जुलाई, 2013 को ही अनुमोदित करा दिया है। कुछ विभागों को छोड़कर मंत्रालयिक संवर्ग से अधीनस्थ सेवाओं में पदोन्नति का प्रावधान नहीं है।
ऐसे विभागों में मंत्रालयिक कर्मचारियों को भी पदोन्नति का प्रावधान शामिल करने की सिफारिश की गई है और इसे अमल में लाने के लिए वित्त विभाग ने कार्मिक विभाग को आदेश जारी करने की सलाह दी है। समिति ने सिफारिश की है कि ऐसे विभाग मंत्रालयिक सेवा के कर्मचारियों को अधीनस्थ सेवा में पदोन्नति के लिए संबंधित नियमों में प्रावधान किया जाए।
कार्मिक विभाग की ओर से 5 जुलाई, 2010 से कनिष्ठ लिपिकों की भर्ती में शैक्षणिक योग्यता को सेकंडरी से संशोधित कर सीनियर सेकंडरी के साथ कंप्यूटर प्रशिक्षण आवश्यक कर दिया था। इस संशोधन को ध्यान में रखते हुए ही समिति ने कनिष्ठ लिपिक का पदनाम लिपिक ग्रेड द्वितीय (ग्रेड पे 2,400) और वरिष्ठ लिपिक का पदनाम लिपिक ग्रेड प्रथम (ग्रेड पे 2,800) करने की सिफारिश की है।
प्रमुख वित्त समिति की अध्यक्षता में गठित समिति ने इस संबंध में जल्द आदेश जारी करने के लिए कहा है। कार्यालय सहायक का पदनाम परिवर्तित कर कनिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और कार्यालय अधीक्षक का पदनाम परिवर्तित कर प्रशासनिक अधिकारी करने की सलाह दी है।
अधीनस्थ विभागों में वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी के ग्रेड पे 4,800 में पद सृजित करने की सिफारिश की है। हर विभाग में मंत्रालयिक संवर्ग के 12 प्रतिशत पद प्रशासनिक अधिकारी और 6 प्रतिशत पद वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी के रखने की सलाह दी गई है। समिति ने इस संबंध में आदेश जारी करने के लिए कहा है।
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