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डाउनलोड करेंजयपुर. जयपुर मेट्रो शुक्रवार को विधानसभा में छाई रही। राव राजेंद्र सिंह ने मामला उठाया। उन्होंने कहा कि 2010-11 से अब तक जयपुर मेट्रो रेल कारर्पोरेशन ने वार्षिक प्रतिवेदन सदन में पेश नहीं किया है। यह मामला उन्होंने तब उठाया जब विभिन्न पत्र सदन में रखे जाने की अध्यक्ष की ओर से कहा गया।
राव राजेंद्र सिंह ने कहा कि जनता की अंश पूंजी वाले संस्थानों का वर्ष का हिसाब-किताब सदन में रखा जाना अनिवार्य है। यह संविधान के प्रावधानों का उल्लंघन है। जनता का 3500 करोड़ रु. के खर्च का हिसाब आज तक सदन के पटल पर क्यों नहीं रखा गया।
इसके बिना इसके काम का संचालन आखिर हो कैसे रहा है। व्यवस्था के इस सवाल पर अध्यक्ष कैलाश मेघवाल ने जो आवश्यक पत्र हों वे सदन की मेज पर यथा समय रखे जाएं। सरकार ऐसी गलती न करे। इसके जवाब में संसदीय कार्य मंत्री राजेंद्र राठौड़ ने कहा कि जेएमआरसी का प्रगति प्रतिवेदन विलंबित है।
ऐसे मामलों में एक सर्कुलर जारी किया जाएगा। राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर राजपाल सिंह शेखावत ने भी जयपुर मेट्रो प्रोजेक्ट का मामला उठाया।
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