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हॉस्टल के कमरा नं. 52 था टॉर्चर रूम, दी जाती थी मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना

7 वर्ष पहले
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(कॉलेज और हॉस्टल से निष्कासित छात्र)
जयपुर. राजस्थान यूनिवर्सिटी के विवेकानंद हॉस्टल में रैगिंग के मामले में सामने आया है कि दोषी छात्रों ने कमरा नंबर 52 को टॉर्चर रूम बना रखा था। इस कमरे में ही छात्रों को देर रात्रि में शारीरिक व मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था। इस बात की पुष्टि कुलपति द्व‌ारा गठित जांच कमेटी ने की है। जांच के दौरान पीड़ित व दोषी छात्रों को भी अपना पक्ष रखने का अवसर दिया गया।
जांच समिति ने पीड़ित छात्रों की पहचान के आधार पर छात्रावास के कमरा न. 52 का भी निरीक्षण किया, जिसमें अक्सर देर रात्रि में पीड़ित छात्रों को शारीरिक व मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था। जांच समिति के सदस्यों ने उस रिकॉर्डेड टेलिफोनिक वार्ता को भी साक्ष्य के रूप मे लिया, जिसमे दो बाहरी छात्रों द्वारा विवेकानंद छात्रावास में रैगिंग किए जाने का उल्लेख किया गया था।
20 दिन : यूनिवर्सिटी ने इस मामले को पिछले 20 दिन से लटका रखा था। पीड़ित छात्रों की शिकायत पर यूनिवर्सिटी को चेतावनी दी थी कि अगर इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई तो वे कोर्ट में जाएंगे।
तबीयत बिगड़ी : निष्कासन की सूचना मिलने पर बीए प्रथम वर्ष के छात्र हंसराज की तबियत बिगड़ गई। छात्र का अारोप था कि चीफ वार्डन ने उसे धमकाकर बात की।
पहला मौका : यूनिवर्सिटी में ये पहला मौका है जब रैगिंग प्रकरण में एकसाथ 10 छात्रों को कॉलेज व हॉस्टल से निष्कासित किया गया है। पिछले सत्र में भी चार छात्रों को रैगिंग के आरोप में निलंबित किया था।
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