पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • Rahul Gandhi, Rajasthan, Rajasthan News, Jaipur, Crime News

आज \'राहु\' से होगा राहुल का सामना, मुकाबले की है पूरी तैयारी!

8 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक

जयपुर। शहर, जिला या प्रदेश स्तर पर अबतक फीडबैक लेने के लिए जितनी भी बैठकें की गईं, सभी में प्रदेश और केंद्र स्तर के नेताओं को खरी-खरी ही सुननी पड़ी। अधिकतर जगहों पर तो कार्यकर्ताओं और स्थानीय नेताओं ने यहां तक कहा कि हालात नहीं सुधरे तो कांग्रेस का हारना तय है।

कांग्रेस के प्रदेश स्तर के नेताओं की मानें तो ऐसे ही फीडबैक के बाद कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी स्थिति सुधारने के लिए आ रहे हैं। वे बुधवार को बीकानेर में 14 जिलों के करीब 3000 कांग्रेस नेताओं और जनप्रतिनिधियों से सीधी बात करेंगे।

इसके बाद गुरुवार को जयपुर के बिड़ला ऑडिटोरियम में 24 कांग्रेस जिलों के नेताओं से मिलेंगे। बीकानेर में राहुल गांधी चार चार जिलों के समूहों में नेताओं से बात करेंगे, हर समूह को 45 मिनट मिलेंगे। राहुल गांधी बीकानेर और जयपुर में कुल मिलाकर 6000 नेताओं व कार्यकर्ताओं से बात करेंगे।

बीकानेर में दिन भर बैठक करने के बाद राहुल गांधी बुधवार शाम को जयपुर पहुंच जाएंगे। राहुल के कार्यक्रम में बिना रजिस्ट्रेशन कोई भी नहीं जा सकेगा। बिड़ला ऑडिटोरियम के पास होटल हवेली में बुधवार सुबह 10 बजे से रजिस्ट्रेशन शुरू हो जाएगा। कार्ड देखकर ही प्रवेश दिया जाएगा। ऑडिटोरियम की सुरक्षा व्यवस्था मंगलवार को एसपीजी ने संभाल ली है।

कार्यकर्ता की उपेक्षा का मुद्दा प्रमुखता से उठाने की तैयारी :

कार्यक्रम में कांग्रेस का एक खेमा सरकार की कार्यशैली और कार्यकर्ताओं की उपेक्षा का मुद्दा प्रमुखता से उठाएगा। इस खेमे के नेता पहले भी पार्टी की बैठकों में खरी खरी सुनाते आए हैं। इन नेताओं ने राहुल की बैठक में उठाए जाने वाले मुद्दों को लेकर पहले से रणनीति बना ली है।

जमीनी हकीकत तो बतानी ही चाहिए : चंद्रभान

कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष डॉ. चंद्रभान ने कहा कि किसी भी नेता या कार्यकर्ता को राहुल गांधी के कार्यक्रम में खिलाफ बोलने से रोकने के लिए किसी ने संपर्क नहीं किया है। हमारे पास छिपाने को क्या है? पार्टी की जो जमीनी हकीकत है, संगठन की जो स्थिति है उसके बारे में तो बताना ही चाहिए।

राहुल सुनेंगे ज्यादा, बोलेंगे कम :

राहुल गांधी एमपी और पंजाब की तर्ज पर कार्यकर्ताओं की बात ज्यादा सुनेंगे। हर समूह को 45 मिनट का समय दिया जाएगा। चिंतन शिविर की तर्ज पर ही राहुल गांधी इस कार्यक्रम में भी युवाओं को खास महत्व दे रहे हैं। फीडबैक कार्यक्रम में यूथ कांग्रेस के सभी विधानसभा व लोकसभा क्षेत्र अध्यक्ष, एनएसयूआई के छात्र नेताओं को बुलाया है जिनकी संख्या एक हजार के आसपास है। इस कार्यक्रम में कांग्रेस के संभाग प्रवक्ताओं को भी बुलाया है।

राहुल के दौरे के राजनीतिक मायने क्या ?

राहुल गांधी के दौरे को चुनावी साल में पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच असंतोष को कम करने की कवायद है। राहुल के इस संवाद कार्यक्रम में सब कुछ पहले से तय है और इसका उद्देश्य कार्यकर्ताओं में भरोसा जगाने से है।

राहुल के इस दौरे में जमीनी नेता जो फीडबैक देंगे उससे बड़े नेताओं की गुटबाजी और पार्टी पर उनके हावी रहने की तस्वीर भी निकलकर आएगी। पार्टी की जमीनी कमजोरियां भी पता चलेंगी। इस फीडबैक के आधार पर चुनावी साल में कुछ फेरबदल हो सकते हैं और नई व्यवस्थाएं लागू हो सकती हैं।

नेहरू के बाद पंचायतीराज जनप्रतिनिधियों से संवाद करने वाले राहुल पहले बड़े नेता :

कार्यक्रम में कांग्रेस से जुड़े पंचायतीराज जनप्रतिनिधियों को बुलाया गया है। पं. जवाहरलाल नेहरू ने पंचायतीराज जन प्रतिनिधियों से संवाद के कार्यक्रम रखे थे। उनके बाद राहुल गांधी ने उस सिलसिले को फिर से शुरू किया है।