जयपुर। भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय सचिव किरीट सोमैया के नेतृत्व में गए प्रतिनिधि मंडल ने बुधवार को नगरीय विकास विभाग मंत्री शांति धारीवाल और मुख्यमंत्री कार्यालय के अफसरों के खिलाफ गणपति कंस्ट्रक्शन कंपनी को 135 करोड़ रुपए बाजार मूल्य की जमीन गैर कानूनी तरीके से आवंटित करने की एसीबी में शिकायत की है। उन्होंने यूडीएच के अधिकारी, मंत्री धारीवाल, सीएमओ के अफसर और जेडीए अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं।
एसीबी में शिकायत बापू नगर के रामशरण सिंह चौधरी की तरफ से की गई हैं। भाजपा कार्यालय में बुधवार शाम इस संबंध में पत्रकार वार्ता करके किरीट सोमैया ने मुख्यमंत्री कार्यालय और शांति धारीवाल पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए। सोमैया ने बताया कि इस भ्रष्टाचार से जुड़े 160 पेज के दस्तावेज एसीबी को सौंपे हैं।
राजेंद्र आदर्श गृह निर्माण सहकारी समिति के दुर्गा विहार योजना में गणपति कंस्ट्रक्शन कंपनी को नियमों के खिलाफ जमीन आवंटित कर 29 जून, 2011 को एकल पट्टा जारी कर दिया। सोमैया ने दावा किया कि इस कंपनी को 27 हजार वर्ग मीटर जमीन देकर फायदा पहुंचाया है। उन्होंने जमीन की कीमत 135 करोड़ से अधिक बताई।
135 करोड़ की जमीन.
सोमैया ने दोषी अफसरों और धारीवाल के खिलाफ जांच की मांग की है। साथ ही कहा कि सीएमओ ने इस फर्जीवाड़े के लिए जेडीए से पत्राचार कर भूमाफिया की मदद की। धारीवाल की अनुमति से यह फर्जी पट्टा जारी किया गया। प्रतिनिधि मंडल में विधायक अशोक परनामी, प्रदेश मंत्री सुनील कोठारी, पूर्व महापौर पंकज जोशी, एडवोकेट कान सिंह राठौड़, आरटीआई प्रकोष्ठ सह संयोजक गजेंद्र सिंह शेखावत थे।