जयपुर. राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की ओर से आरटेट-2013 के लिए भराए गए फॉर्मों से बोर्ड मालामाल हो रहा है। बोर्ड को साढ़े पांच लाख अभ्यर्थियों से फीस के रूप में 20 करोड़ 66 लाख रुपए की आय हुई थी। बोर्ड ने अब तक न तो परीक्षा ली और न ही फीस लौटाई है।
एफडी के आधार पर इस राशि के पिछले 15 महीने के ब्याज की गणना की जाए तो यह 2 करोड़ 32 लाख रुपए बैठता है। इसके बाद इस साल जुलाई में बजट भाषण में टेट व शिक्षक भर्ती के स्थान पर एक ही परीक्षा रीट कराने की मुख्यमंत्री ने घोषणा कर दी। लेकिन इसको भी 6 माह बीत चुके हैं। विभाग अब तक रीट की गाइडलाइन ही तैयार नहीं कर पाया है।
राजस्थान शिक्षक पात्रता परीक्षा (आरटेट) 2013 का आयोजन पिछले साल 29 दिसंबर को होना था। इसके लिए सितंबर-अक्टूबर 2013 में फॉर्म भराए गए थे। भाजपा ने चुनाव में बीएसटीसी व बीएड डिग्रीधारियों से टेट के सरलीकरण का वादा किया था।
भाजपा की सरकार बनते ही पिछले साल सबसे पहले 29 दिसंबर को होने वाली आरटेट को स्थगित कर दिया गया। इसका आयोजन आज तक नहीं हो पाया है। जुलाई में बजट भाषण में मुख्यमंत्री ने टेट व शिक्षक भर्ती के स्थान पर एक ही परीक्षा रिक्रूटमेंट कम एलिजिबिलिटी एग्जाम फॉर टीचर्स (रीट) के आयोजन की घोषणा कर दी। इसको भी छह माह बीच चुके हैं। इस परीक्षा की अभी तक न तो कोई गाइडलाइन तैयार हुई है और न ही परीक्षा तिथि।
आरटेट 2013 के लिए फॉर्म भरने वाले साढ़े पांच लाख अभ्यर्थी इस असमंजस में हैं कि उनके फॉर्मों का क्या होगा। एडवोकेट संदीप कलवानिया का कहना है कि साढ़े पांच लाख अभ्यर्थियों को राहत देते हुए शिक्षक भर्ती परीक्षा में आ रही पेचीदगियों को जल्दी दूर करना चाहिए। पेचीदगियों के कारण ही लंबे समय से कई भर्तियां अटकी हुई है।
बोर्ड में रीट कार्यालय प्रारंभ
राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के कार्यालय में रीट का अलग कार्यालय शुरू हो गया है। आरटेट के बारे में किसी प्रकार की जानकारी मांगने पर कार्यालय अध्यापक भर्ती एवं पात्रता परीक्षा (रीट) के लेटरपैड पर मुहैया कराई जाती है। इस कार्यालय को कॉर्डिनेटर व बोर्ड के सचिव महेंद्र शर्मा का कहना है कि रीट मामले में सरकार से गाइडलाइन नहीं मिली है।
दो करोड़ से ज्यादा होता ब्याज
बैंक से जुड़े लोगों का कहना है कि बोर्ड को फीस के रूप में प्राप्त 20 करोड़ 66 लाख 63 हजार 527 रुपए की अगर एक साल की एफडी कराई जाए तो ब्याज के रूप में 1 करोड़ 85 लाख रुपए मिलते हैं। अगर 15 महीने का ब्याज जोड़ा जाए तो यह राशि बढ़कर 2 करोड़ 32 लाख रुपए के करीब होती है।