पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • गुटखे के बाद अब जर्दा खैनी पर लगेगा प्रतिबंध

राहत की खबर: गुटखे के बाद अब जर्दा खैनी पर प्रतिबंध लगाने की तैयारी

6 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
जयपुर। बाजार में खुलेआम बिक रहे जर्दा व खैनी को भी सरकार अब प्रतिबंधित करने की तैयारी में है। गुटखा बेचने पर पहले ही प्रतिबंध है। अब तंबाकू उत्पादों के न सिर्फ बेचने ब्लकि निर्माण, स्टोरेज और वितरण पर भी पाबंदी रहेगी। पूर्ववर्ती गहलोत सरकार ने प्रदेश में गुटखे पर पाबंदी लगा दी थी लेकिन जर्दा और खैनी पर पाबंदी स्पष्ट नहीं होने के कारण गुटखा अब भी (सुपारी व जर्दा पाउडर की अलग-अलग पैकिंग) बिक रहा है। अब वसुंधरा सरकार सभी प्रकार के खैनी, जर्दा, सुगंधित एकल जर्दा या मिश्रित तंबाकू उत्पादों पर पाबंदी के लिए आदेश जारी करने वाली है।
यानी जर्दा या खैनी के निर्माण या बेचने पर भी खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत कार्यवाही होगी। साथ ही ऐसे खाद्य पदार्थो के निर्माण, भंडारण एवं बेचान के लिए व्यवसायी को फूड सेफ्टी एक्ट के तहत रजिस्ट्रेशन या लाइसेन्स जारी नहीं होगा। मौजूदा स्थिति में राज्य में गुटखा प्रतिबंधित है तथा जुलाई 2012 में ही आदेश जारी हो चुके है। मुख्यमंत्री को पहले ही पत्र लिखा जा चुका है। तत्कालीन केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ.हर्षवर्धन ने मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे को 6 अगस्त 2014 को कैंसर से हो रही मौत तथा बढ़ते मामलो को देखते हुए तंबाकू उत्पाद जैसे जर्दा एवं खैनी के निर्माण, भंडारण एवं बेचने पर पाबंदी के लिए पत्र लिखा जा चुका है।
जल्द आदेश होंगे : राठौड़
'जर्दा एवं तंबाकू, निकोटिन युक्त खैनी पर पाबंदी लगाएंगे। मुख्यमंत्री से सहमति लेकर जल्द निर्देश जारी करेंगे।' -राजेन्द्र राठौड़, चिकित्सा मंत्री
पाबंदी इसलिए जरूरी...हर एक मिनट में दो मौतें
एक चू्क का फायदा उठाते रहे व्यवसायी
{18 जुलाई 2012 को गहलोत सरकार ने गुटखे पर पाबंदी लगाने का आदेश जारी किया था, लेकिन आदेश में जर्दा या खैनी को प्रतिबंधित करने के बारे में स्पष्ट रूप से नहीं लिखा था।
{अलग पैकिंग से बिकते रहे तंबाकू उद्योगों ने गुटखा नहीं बनाकर से सुपारी और जर्दा पाउडर को अलग-अलग पैकिंग में बनाना शुरू कर दिया। ऐसे में गुटखा बंद होकर भी अलग पैकिंग में बिकता रहा।
आगे की स्लाइड में पढ़ें पाबंदी का इंतजार न करें, पहल करें...