जयपुर। राज्य के सबसे पुराने फार्मेसी कॉलेजों में से एक ने विद्यार्थियों से ली गई अतिरिक्त फीस लौटाना शुरू कर दिया है। कॉलेज ने करीब 25 लाख रुपए के चैक बांट दिए हैं। मुख्य सचिव ने मामले को बेहद गंभीरता से लेते हुए सभी कॉलेजों पर तुरंत सख्त कार्रवाई के निर्देश जारी किए हैं। दूसरी ओर दो गुना फीस वसूली के मामले को लेकर फार्मेसी विद्यार्थियों का धरना उद्योग मैदान में दूसरे दिन भी जारी रहा।
उदयपुर स्थित भूपाल नोबल्स कॉलेज ऑफ फार्मेसी ने 2010-11 के सत्र में प्रवेश लेने वाले छात्रों को वसूली गई अतिरिक्त फीस लौट दी है। इन विद्यार्थियों से सरकार द्वारा तय एक लाख रुपए के बजाय फीस के तौर पर दो लाख रुपए वसूले गए थे। कॉलेज प्रबंधन ने करीब 50 छात्रों को 50-50 हजार रुपए के चेक सौंपे हैं। सरकारी कार्रवाई से बचने के लिए बैकडेट में चेक जारी किए हैं। जिन पर 16 अप्रेल की दिनांक डाली है।
इन चेक पर कॉलेज संचालक भूपाल नोबल्स संस्थान के प्रबंध निदेशक और प्रधानाचार्य के हस्ताक्षर हैं। इसी संस्था द्वारा छात्राओं के लिए भी फार्मेसी कॉलेज चलाया जाता है। जिसमें 2010-11 में एम फार्मा के लिए 46 सीटें आवंटित की गई थीं।
छात्राओं के अनुसार प्रबंधन ने उन्हें 10 मई को वसूली गई अतिरिक्त फीस लौटाने का आश्वासन दिया है। इस मामले पर कॉलेज प्रबंधन से संपर्क किया गया, लेकिन कोई जवाब नहीं दिया। फार्मेसी कॉलेजों द्वारा दो गुनी फीस वसूली के भास्कर में प्रकाशित समाचार पर मुख्य सचिव सी.के. मैथ्यू ने नोटशीट पर निर्देश जारी किए हैं।
दूसरी ओर फार्मा यूथ वैलफेयर संस्थान की ओर से बुधवार को भी धरना जारी रहा। उद्योग मैदान में धरने पर बैठे संस्थान के अध्यक्ष प्रवीण सैन ने बताया कि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने तक आंदोलन जारी रहेगा। जिसके अगले चरण में विद्यार्थी क्रमिक अनशन पर बैठेंगे।