जयपुर। राजस्थानी बाल कलाकार वीरेंद्र सिंह राठौड़ को दिल्ली में राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से नेशनल फिल्म अवॉर्ड लेने के कुछ घंटों बाद ही सरकारी अफसरों की लापरवाही के कारण अपमान के घूंट पीने पड़े। होटल और टैक्सी का बिल नहीं चुकाने के नाम पर उन्हें और पिता पद्मसिंह राठौड़ को कई घंटे तक बंधक जैसी स्थिति में रहना पड़ा।
हालांकि, समारोह में जाने से पहले कहा गया था कि एयरफेयर, टैक्सी और होटल का बिल सरकार देगी। बाद में वीरेंद्र ने एक फिल्म प्रोड्यूसर से उधार लेकर 9,500 रु. का भुगतान किया, तब उन्हें जाने दिया गया। ‘देख इंडियन सर्कस’ फिल्म के 12 वर्षीय कलाकार वीरेंद्र जैसलमेर के लोदरवा गांव के रहने वाले हैं।
राष्ट्रपति की ओर से इन्हें 3 मई को दिल्ली में नेशनल फिल्म अवार्ड दिया जाना था। डायरेक्ट्रेट ऑफ फिल्म फेस्टिवल्स ने वीरेंद्र और उनके पिता को फाइव स्टार होटल पार्क में रुकवाया था। समारोह के बाद 4 मई को जब ये होटल छोड़कर चलने लगे तो होटल के प्रबंधकों ने कहा कि 6500 रु. लंच और 3000 रु. टैक्सी का बिल चुकाए बिना नहीं जा सकते।
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