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पेट्रोल पर रोज लुट रहे हैं आप, पढ़िए ये खबर खड़े हो जाएंगे आपके कान

8 वर्ष पहले
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जयपुर। गर्मी दिन ब दिन बढ़ रही है। पेट्रोल के दाम भी घटे हैं, लेकिन यदि आप दोपहर की गर्मी में पेट्रोल पंप से पेट्रोल-डीजल ले रहे हैं तो यह आपको कम ही मिलेगा। दरअसल गर्मी के कारण पेट्रोल-डीजल फैलते हैं। 15 डिग्री सेल्सियस तापमान पर एक लीटर डीजल की डेंसिटी (घनत्व) रेंज 820 ग्राम से 950 ग्राम के बीच बैठती है।
एक किलोग्राम डीजल से तकरीबन 43 मेगा ज्यूल एनर्जी मिलती है, लेकिन जैसे-जैसे तापमान बढ़ता है, डीजल की प्रति लीटर एनर्जी वैल्यू भी कम होती जाती है। मतलब साफ है, 15 डिग्री सेल्सियस पर भरवाया गया एक लीटर डीजल असल में 25 डिग्री या इससे अधिक पर भरवाए गए डीजल से ज्यादा होता है।
हमारे यहां तापमान को एडजस्ट करने व टेंप्रेचर कंपन्सेशन की कोई व्यवस्था नहीं है। इसलिए पेट्रोल-डीजल खरीदने वाला ग्राहक हमेशा घाटे में ही रहता है। सभी विकसित देशों में पेट्रोल पंपों पर ऑटोमेटिक टेंप्रेचर कंपन्सेशन (एटीसी) नाम का डिवाइस लगा रहता है, जो पेट्रोल-डीजल की डिस्पेंसिंग 15 डिग्री सेल्सियस तापमान पर ही करता है फिर चाहे बाहर का तापमान 40 डिग्री ही क्यों ना हो। हर वक्त एक ही वॉल्यूम यानी पैसे के बदले पूरा पेट्रोल-डीजल।
आगे की स्लाइड्स में जानें कैसे तापमान बढ़ने के साथ बढ़ता है आपका नुकसान और साथ ही जाने इस नुकसान से बचने के उपाय