जयपुर। शहर में गुरुवार को ऑटोरिक्शा चालक हड़ताल पर रहे। प्रदर्शन के दौरान ऑटो चालकों की पुलिस से झड़प हुई। बच्चों को स्कूल लाने-ले जाने में लगे ऑटो के चालकों (ऊपर फोटो) से भी मारपीट की गई। प्रेस फोटोग्राफरों से भी बदसलूकी व मारपीट की गई। ट्रैफिक पुलिस के विशेष चैकिंग अभियान के विरोध और विभिन्न मांगों को लेकर शुक्रवार को भी ऑटो नहीं चलेंगे। गुरुवार को लो-फ्लोर और प्राइवेट बसों में लोगों की भीड़ रही। गुरुवार को करीब 20 हजार ऑटो नहीं चले।
20 हजार ऑटो नहीं चले, आज भी हड़ताल
जयपुर। ट्रैफिक पुलिस के विशेष चैकिंग अभियान के विरोध और विभिन्न मांगों को लेकर गुरुवार को शहर में ऑटोरिक्शा नहीं चले। इससे यात्रियों को भारी परेशानी उठानी पड़ी। प्रदर्शन के दौरान ऑटो चालकों की पुलिस से झड़प भी हुई। आठ ऑटो चालकों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। वे शुक्रवार को भी हड़ताल पर रहेंगे।
हड़ताल का पता लगने पर रेलवे स्टेशन और सिंधी कैंप बस स्टैंड पर यात्रियों को निजी वाहन और कार-टैक्सियों से जाना पड़ा। रेलवे स्टेशन पर कार टैक्सी प्री-पेड बूथ पर यात्रियों की भीड़ रही। हालांकि हड़ताल के बावजूद सुबह अधिकतर स्कूलों में ऑटोरिक्शा बच्चों को छोड़ने गए, लेकिन स्कूल से आते समय उन्हें यूनियन पदाधिकारियों का विरोध झेलना पड़ा।
कई जगह यूनियन के लोगों ने बच्चों के ऑटो को जबरन रोककर अभद्रता की। शहर में वर्तमान में करीब 20 हजार ऑटोरिक्शा चल रहे हैं। इनमें से अधिकतर सुबह-दोपहर और शाम के वक्त स्कूलों में बच्चों को लाने-छोड़ने का काम करते हैं। दिन में वे यात्रियों को बिठाते हैं। ऑटोरिक्शा में प्रतिदिन 1.5 लाख लोग आते-जाते हैं।
ऑटो चालकों ने किया प्रदर्शन
मांगें नहीं मानने पर रेलवे स्टेशन, सिंधी कैंप बस स्टैंड, गांधीनगर रेलवे स्टेशन, बड़ी चौपड़ और रामगढ़ मोड़ पर ऑटोरिक्शा चालकों ने ट्रैफिक पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और ऑटो चालकों के बीच कई जगह झड़प हुई।
आज भी नहीं चलेंगे शहर में ऑटो
कार्रवाई के विरोध में गुरुवार को ऑटो चालक यूनियन के पदाधिकारियों ने रेलवे स्टेशन पर मीटिंग रखी। यूनियन के पदाधिकारी अमर सिंह चौहान ने बताया कि शुक्रवार को भी हड़ताल रहेगी।
बसों में भीड़
ऑटोरिक्शा चालकों की हड़ताल के कारण लो-फ्लोर और प्राइवेट बसों में लोगों की भीड़ रही। रामबाग सर्किल, बड़ी-छोटी चौपड़, रामगंज, चांदपोल, रेलवे स्टेशन और सिंधी कैंप बस स्टैंडों पर लोगों को बसों में बैठने के लिए 20 से 25 मिनट का इंतजार करना पड़ा। छोटी दूरी के लिए भी साइकिल रिक्शा वालों ने मनमर्जी से किराया वसूला।
ये हैं मांगें
किराये में बढ़ोतरी, एलपीजी और डीजल ऑटोरिक्शा का अलग-अलग किराया हो, एलपीजी ऑटोरिक्शा खरीदने की शर्त को हटाया जाए, ऑटोरिक्शा का क्षेत्र नगर निगम क्षेत्र से बढ़ाकर जयपुर जिला किया जाए, स्कूली किराया पैरेट्स और ऑटोरिक्शा चालक पर छोड़ा जाए, सभी ऑटोरिक्शा का रजिस्ट्रेशन, फिटनेस, परमिट आदि काम आरटीओ ऑफिस (साउथ) में हों।
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