जयपुर। राज्य सरकार सभी डीलर्स को बायोमेट्रिक प्रणाली से जोड़ने जा रही है। इसके लिए तैयारियां तेज हो गई हैं। यह लगभग ऐसी ही व्यवस्था है, जैसी छत्तीसगढ़ में है। इसके लिए जयपुर में एक और अजमेर में दो स्थानों से 15 दिसंबर से पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया जा रहा है। एक जुलाई 2015 से प्रदेश के सभी शहरों में यह व्यवस्था शुरू कर दी जाएगी। असल में राज्य के 25000 से अधिक राशन डीलर्स को राज्य सरकार पोश मशीन देगी।
इसके लिए उपभोक्ता को अपना थंब इंप्रेशन के जरिए राशन मिल सकेगा। जैसे ही उपभोक्ता थंब इंप्रेशन देगा, उसकी डिटेल कंप्यूटर पर आ जाएगी और साथ ही डीलर का स्टॉक भी। राशन सौंपने के बाद स्टॉक स्वत: मेंटेन हो जाएगा।
ई-मित्र पर बन सकेंगे नए राशन कार्ड
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के प्रमुख सचिव सुबोध अग्रवाल ने बताया कि राज्य के सभी ईमित्र पर राशनकार्ड बनाने का काम भी 15 जनवरी से शुरू किया जा रहा है। इसके लिए 50 रुपए शुल्क रहेगा। राशन कार्डों में संशोधन के 40 रुपए लगेंगे। इसके तहत जिसने राशनकार्ड के लिए आवेदन पहले से किया हुआ है, उसके लिए 31 मार्च 2015 तक केवल 10 रुपए ही लगेंगे। इसके लिए ईमित्र के पास पासवर्ड होगा, जिसके जरिए व्यक्ति की पहचान होगी।
आवेदन करने वाले की डिटेल प्रवर्तन अधिकारी के पास ऑनलाइन जाएगी, जिसके वेरिफिकेशन के बाद राशन कार्ड जारी किया जा सकेगा। फर्जीवाड़ा न हो, इसके लिए ई-मित्र को विभाग की तरफ से राशनकार्ड प्रिंट कराकर दिए जाएंगे। इसके पहले पेज पर होलोग्राम होगा, जिससे गड़बड़ी नहीं हो सके।
तीन स्थानों पर पायलट प्रोजेक्ट : अजमेर के किशनगढ़ तहसील में हरमाडा, पीसांगन के भावता और जयपुर के आमेर तहसील में जावता में इसके लिए पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया जाएगा।