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अधिक भूखंड हुए तो हजार वर्गगज के एक ही भूखंड का नियमन सामान्य दर से

7 वर्ष पहले
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जयपुर. पृथ्वीराज नगर के नियमन के मामले में कैबिनेट के फैसले के बाद ऐसे परिवारों के सामने पेचीदा स्थिति बन गई है, जिनके पास एक से अधिक भूखंड हैं। अब एक ही परिवार के सदस्यों के नाम एक से अधिक भूखंड होने पर एक हजार वर्गगज तक के किसी एक भूखंड का नियमन तो सामान्य दरों पर किया जाएगा।
शेष अन्य भूखंडों के लिए डेढ़ गुना नियमन शुल्क चुकाना पड़ेगा। लेकिन शर्त यह है कि शेष भूखंड भी एक हजार वर्गगज से बड़े नहीं होने चाहिए। यदि अन्य भूखंड भी एक हजार वर्गगज से बड़े होंगे तो अतिरिक्त जमीन की 75 फीसदी जमीन जेडीए की होगी और 25 फीसदी भूखंड मालिक को मिलेगी। पृथ्वीराज नगर पर एक माह में दो बार हुई कैबिनेट ने अब भी कई कुछ मुद्दों को फाइनल नहीं किया है। भूखंड के आकार की अपर लिमिट अब भी विचाराधीन रखा है। ऐसे में मामला फिर कैबिनेट में जा सकता है।
अब यह होगा
बैकडेट में पट्टे काटकर छोटे करेंगे भूखंड
यूडीएच के जानकारों का कहना है कि कैबिनेट के फैसले ने पृथ्वीराज नगर में बैकडेट में पट्टे काटे जाने के धंधे को बढ़ावा मिलेगा। कैबिनेट ने एक से अधिक भूखंडों पर एक हजार वर्गगज से बड़ा भूखंड होने पर भूखंड मालिक को केवल 25 फीसदी जमीन देने का निर्णय किया है। ऐसे में बड़ी जमीन वाले अपनी जमीन के छोटे टुकड़े कर परिवार के सदस्यों के नाम बैक डेट में पट्टे ले लेंगे।
जेडीए के हाथ से जाएगी 2000 बीघा जमीन
कैबिनेट के फैसले से जेडीए के हाथ से पृथ्वीराज नगर की करीब 2000 बीघा जमीन निकल सकती है। अधिकतर परिवार अपने सदस्यों के नाम नियमन करा लेंगे। इससे जेडीए को बड़े भूखंडों की 75% जमीन नहीं मिल पाएगी।
रिकॉर्ड 30 नवंबर तक जमा होगा
पृथ्वीराज नगर की गृह निर्माण सहकारी समितियों का रिकॉर्ड 30 नवंबर तक जेडीए जमा करेगा। रिकॉर्ड सामुदायिक केंद्र चित्रकूट स्टेडियम व मानसरोवर सेक्टर-12 में जमा होंगे।