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डाउनलोड करेंजयपुर। रोडवेज में कंडक्टर, ड्राइवर और आर्टिजन के 3324 पदों लिए पांच महीने पहले हुई भर्ती परीक्षा का परिणाम आने से पहले किसी ने हजारों आवेदकों को फर्जी नियुक्ति पत्र जारी कर दिए, जिसमें अशोक चिन्ह, आरएसआरटीसी का लोगो भी लगा है।
बुधवार को रोडवेज सीएमडी भास्कर ए सावंत के पास एक अभ्यर्थी यह मामला लेकर पहुंचा, जिसके बाद अधिकारियों ने विधायकपुरी थाना में परिवाद दर्ज कराया। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। गौरतलब है कि, कुल आवेदकों में से 96, 699 अभ्यर्थियों ने ये परीक्षा दी थी, 10 220 अनुपस्थित रहे।
नियुक्ति पत्र में क्या?
फर्जी नियुक्ति पत्र में आवेदकों से एक हजार रु. के गैर-न्यायिक स्टांप पेपर पर अनुबंध और आवेदक का घोषणा पत्र मांगा गया है। इसमें वही नियम-शर्तें हैं, जो रोडवेज प्रशासन नियुक्ति पत्र में रखता है। हालांकि रोडवेज 50 से 100 रु. के स्टांप पेपर पर अनुबंध करता है। इसके अलावा नियुक्ति पत्र जारी करने वाले ने आवेदकों से सहमति पत्र, शपथ-पत्र, डाक घर में जमा कराए चालान की प्रति, मूल आवेदन पत्र, शैक्षिक योग्यता के दस्तावेज, जाति प्रमाण -पत्र और मूल निवास पत्र मांगे हैं। ये दस्तावेज रोडवेज की गोपनीय शाखा में कार्यरत कर्मचारी के नाम से लेटर बॉक्स, पोस्ट बॉक्स नंबर 45, आरएसआरटीसी नियुक्ति विंग, जयपुर, राजस्थान-302001 पर मांगे हैं, जबकि गोपनीय शाखा में इस नाम का कोई व्यक्ति कार्यरत नहीं है।
ऐसे पकड़ में आया मामला
श्रीमाधोपुर निवासी सुरेश कुमार रूंडला को 20 जनवरी को डाक से एक लिफाफा मिला, जिसमें भेजने वाले का नाम दीनदयाल शर्मा, मैनेजर, मेन सलेक्शन कमेटी, आरएसआरटीसी, जयपुर लिखा हुआ था। अंदर ऑनलाइन एप्लीकेशन फॉर्म की प्रति, अनुबंध-सहमति पत्र का प्रारूप, नियम-शर्तें और पोस्ट ऑफिस में रुपए जमा कराने का प्रारूप मिला। इसमें पोस्ट ऑफिस के खाता संख्या 953031 में 1200 रु. जमा कराने के निर्देश थे। यह खाता किसी राहुल उथवाल के नाम से बताया गया है। रूंडला जब श्रीमाधोपुर पोस्ट ऑफिस में रुपए जमा कराने गया, तो अधिकारियों ने रोडवेज का कोई खाता नहीं होना बताया और रोडवेज मुख्यालय जाने की बात कहीं।
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