जयपुर. भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं के विवादों में घिरे आरपीएससी चेयरमेन हबीब खान गौराण ने आखिरकार सोमवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। गौराण ने शाम करीब साढ़े चार बजे राजभवन पहुंचकर राज्यपाल कल्याण सिंह को अपना इस्तीफा सौंपा। राजभवन ने गौराण का इस्तीफा आगे की कार्रवाई के लिए सीएस को भेज दिया है। पेपर लीक प्रकरण में गौराण के खिलाफ दर्ज एक परिवाद की एसीबी जांच भी कर रही है। गौराण पर इस्तीफे का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा था। सोमवार सुबह से ही यह तय माने जाने लगा था कि गौराण अपना पद किसी भी वक्त छोड़ सकते हैं।
19 जुलाई 2014 को कहा था
पूर्व अध्यक्षों का किया झेल रहा हूं, मैं क्यों इस्तीफा दूं। -गौराण
गौराण के इस्तीफे से करीब 5 घंटे पहले मुख्यमंत्री कार्यालय ने कार्मिक विभाग से पूर्व में रहे चेयरमैन के इस्तीफों से संबंधित फाइलें मांग ली थी। मामले की पड़ताल के सिलसिले में एसीबी की टीम सोमवार को अजमेर भी पहुंची थी, लेकिन गौराण ऑफिस भी नहीं पहुंचे थे।
भर्ती में अनियमितता संबंधी परिवाद की जांच जारी : एसीबी
एसीबी डीजी मनोज भट्ट ने कहा- गौराण के खिलाफ भर्ती में अनियमितता संबंधी एक परिवाद दर्ज है। जांच के सिलसिले में सोमवार को एसीबी टीम आरपीएससी गई थी। वहां से दस्तावेज जब्त किए हैं। गौराण वहां नहीं मिले, अन्य से पूछताछ की गई है। परिवाद की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बेनीवाल ने कहा : इस्तीफा काफी नहीं, सीबीआई जांच हो
निर्दलीय विधायक हनुमान बेनीवाल का कहना है कि इस्तीफा ही सजा नहीं है। भर्ती मामलों की जांच सीबीआई से कराने की आवश्यकता है। तभी आरपीएससी की बदनामी के दाग धुलेंगे। दोषियों को सजा मिलेगी। लोगों का विश्वास फिर से कायम होगा।
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