जयपुर. कनिष्ठ लिपिक भर्ती परीक्षा का पेपर लीक होने की जानकारी होने के बावजूद आरपीएससी की ओर से मामले को दबाने की जानकारी सामने आई है। यह जानते हुए कि पेपर बाजार में चुका है, पेपर नहीं बदला गया। परीक्षार्थियों को पुराना पेपर ही दिया गया। यह खुलासा एसओजी की जांच में हुआ है। हालांकि, आरपीएससी ने बैकअप पेपर तैयार करवा रखा था, लेकिन उसका इस्तेमाल नहीं किया गया। एसओजी ने आरएएस प्री परीक्षा का पेपर लीक करने वाले गिरफ्तार आरोपी आरके सिंह, अमृतलाल मीणा और संजीव मीणा के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
प्रारंभिक जांच में आरपीएससी अफसरों की भूमिका भी संदिग्ध आई है। जनवरी 2014 में एलडीसी परीक्षा आयोजित की गई थी। एडीजी आलोक त्रिपाठी ने बताया-आरएएस पेपर लीक मामले में गिरफ्तार आरोपियों ने एलडीसी परीक्षा का पर्चा लीक करने की बात भी कबूली थी। आरोपियों ने पर्चा सैकड़ों अभ्यार्थियों को देकर दो से पांच लाख रुपए तक वसूले थे