(कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलट भास्कर से विशेष बातचीत के दौरान)
जयपुर. विधानसभा की चार सीटों पर हुए उप चुनाव में कांग्रेस की तीन सीटों पर जीत के बाद पार्टी प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट का कहना है कि संगठन की रणनीति और बड़े लीडर्स के साथ के कारण यह संभव हुआ। पायलट ने भास्कर से बातचीत में कहा कि यह जीत एकजुट कांग्रेस, कार्यकर्ताओं की मेहनत, सभी छोटे-बड़े नेताओं, पदाधिकारियों, संगठन की रणनीति के दम पर हुई है। उपचुनाव में चार में से 3 सीटों पर जीत ने कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट का आत्मविश्वास कई गुना बढ़ा दिया है। विधानसभा चुनाव में हार के बाद पायलट ने जो रणनीति बनाई, उस पर वे खरे उतरे। पेश है भास्कर से बातचीत-
इस परिणाम के क्या मायने हैं?
पहला मौका है जब भारी मेन्डेट के 9 माह बाद ही किसी पार्टी को जनता ने सिरे से नकारा है। यह कांग्रेस की जमीनी ताकत को दिखाता है।
भाजपा की इतनी बड़ी जीत के बाद ऐसी हार क्यों हुई?कांग्रेस संगठन की माइक्रो लेवल पर की गई रणनीति, कार्यकर्ताओं की मेहनत ही जीत का आधार बनी। भाजपा मंथन करे, इतनी बड़ी जीत के बाद उसकी ऐसी हार क्यों हुई।
जीत का कम अंतर क्या कांग्रेस के लिए उत्साह की बात है?
सभी चारों सीटों पर सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग किया गया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं को डराया-धमकाया गया। कर्मचारियों पर दबाव बनाया गया। चुनाव प्रचार खत्म होने के बावजूद मतदान वाले दिन शाम तक मंत्री, एमएलए, एमपी उपचुनाव क्षेत्र में डटे रहे।
किन मुद्दों ने आपकी पार्टी को जीत दिलाई?
वसुंधरा सरकार 9 माह में भी अपना मंत्रिमंडल विस्तार नहीं कर पाई। मंत्री नहीं थे तो काम भी नहीं हुए। सभी वर्ग का ध्यान नहीं रखा। जातिवाद की राजनीति करते रहे। किसी भी वर्ग के किसी नेता ने अपना कद बढ़ाने की कोशिश की तो पर कतर दिए।
अब पार्टी का क्या टारगेट है?
कांग्रेस का अब पूरा फोकस नगरीय निकाय और पंचायती राज के चुनावों पर रहेगा। सत्तारूढ़ भाजपा को इन चुनावों में हराकर हम जमीनी स्तर पर कांग्रेस की पकड़ का अहसास कराएंगे।
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