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बजरी की अवैध भराई पर रोक नहीं, दरें 10 रुपए प्रति टन बढ़ाई

7 वर्ष पहले
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जयपुर/टोंक. टोंक कलेक्टर डॉ. टीना कुमार ने बनास नदी में हो रही बजरी की अवैध भराई राशि वसूलने पर रोक लगाने की बजाय बजरी की भराई दरों में 10 रुपए प्रतिटन वृद्धि कर दी। पहले जहां भराई दर 170 रुपए प्रतिटन थी, वह अब बढ़कर 180 रुपए प्रतिटन हो गई है। दरें बुधवार से लागू हो गई हैं। इसमें रॉयल्टी, भराई और पर्यावरण शुल्क शामिल होगा। इस कारण शहर में बजरी महंगी हो गई है। वहीं बनास में लीज होल्डरों और अवैध माइनिंग करने वाले अभी भी 4 से 6 हजार रुपए निर्धारित दर से अधिक ले रहे हैं।
कलेक्टर ने लोडिंग रहित 115 रुपए प्रति टन, लोडिंग सहित 180 रुपए प्रतिटन नई दर निर्धारित की है। नई दरों के आधार पर ही कलेक्टर ने उपखंड अधिकारियों, तहसीलदारों, उप वन संरक्षक, जिला रसद अधिकारी, जिला परिवहन अधिकारी, सहायक खनिज अभियंता को अपने अपने क्षेत्राधिकार में निर्धारित दरों के अनुसार ही बजरी पर वसूली तय करने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद भी नहीं मिल रही उचित दर में बजरी
मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की घोषणा के बाद भी लोगों को उचित दाम पर बजरी नहीं मिल रही है। मुख्यमंत्री ने 30 दिसंबर को बजरी की बढ़ी हुई दरों की समीक्षा बैठक की। बैठक में मुख्यमंत्री ने खनिज विभाग के अधिकारियों को लोगों को उचित दाम पर बजरी उपलब्ध कराने के लिए स्पष्ट निर्देश दिए थे।
उन्होंने कहा था कि बजरी के दाम आम आदमी की पहुंच से बाहर न हो, इसका कड़ाई से पालन किया जाए, लेकिन विभाग बजरी के दामों पर कंट्रोल नहीं कर पा रहा है। वर्तमान में बजरी 50 से 55 रुपए फीट बिक रही है, जबकि 8 महीने पहले बजरी 22 से 25 रु. फीट में बिक रही थी। 8 महीने में बजरी के दाम दुगने हो गए हैं। इसका कारण बनास नदी में अवैध भराई माना जा रहा है।