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मुझे कॉलेज आने से रोका था, उस लेक्चरर को तुरंत हटाओ!

8 वर्ष पहले
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जयपुर। राज्य में सरकार बदलते ही अब स्कूल और कॉलेज शिक्षा सहित विभिन्न विभागों में मंत्रियों पर तबादलों के लिए दबाव बढ़ गया है। एक अनुमान के अनुसार मंत्रियों और अफसरों के पास विधायकों के माध्यम से 10 हजार से ज्यादा तबादलों के आवेदन आ चुके हैं।

विधानसभा परिसर में बुधवार को उस समय तो हद ही हो गई जब भाजपा के विधायक डॉ. फूलचंद भिंडा एक कॉलेज लेक्चरर के तबादले के लिए अड़ गए। शिक्षा मंत्री कालीचरण सराफ ने तबादले शुरू होने तक धीरज धरने की बात कही तो भिंडा आपे से बाहर हो गए। उन्होंने सीधे ही कॉलेज शिक्षा विभाग के आला अफसरों को फोन लगाकर कहना शुरू कर दिया : उसको अभी हटाओ। मैं कह रहा हूं ना अभी हटाओ! इसने मुझे कांग्रेस सरकार के समय में कॉलेज में नहीं आने दिया था। कहा था कांग्रेस की सरकार में भाजपा का विधायक कॉलेज में कैसे आ सकता है। अब भाजपा की सरकार आ गई है, इसे अभी हटाओ! विराटनगर विधायक भिंडा शिक्षा मंत्री कालीचरण सराफ से मिलने के लिए विधानसभा परिसर स्थित उनके कार्यालय में तबादलों की एक बड़ी सूची लेकर गए थे।

सराफ के पास उस समय और भी कई विधायक मौजूद थे और उनमें से ज्यादातर तबादलों की अर्जियां लेकर आए थे। सराफ ने सभी से कहा कि लोकसभा चुनाव के बाद जब मुख्यमंत्री तबादलों पर से रोक हटाएंगी तो नियमानुसार फैसला लिया जाएगा। तब तक आप सभी इंतजार करें। लेकिन भिंडा नहीं माने। उन्होंने कहा कि आपको नियम नहीं पता। नियम तो मैं बताता हूं। अभी एपीओ कर दो। नहीं तो डेपुटेशन कर दो। और आप लोग तो ऐसा करते ही रहते हैं। भिंडा ने डेपुटेशन और एपीओ के कुछ उदाहरण भी दिए। भिंडा से शिक्षा मंत्री सराफ और कुछ विधायकों ने बार-बार शांत होने का आग्रह किया, लेकिन वे और जोर-जोर से बोलते रहे।


अफसरों से ऐसे रहा डॉ. भिंडा का संवाद

मैं कह रहा हूं, उसे अभी हटाओ!
......
कैसे नहीं हटाओगे, अब तो हमारी सरकार है! आपको मालूम है इसने मेरा बायकाट करवाया था। एक एमएलए का बायकाट जैन साहब!
.......
आप डेपुटेशन कर सकते हो!
.......
बस आज मैंने आपको कह दिया है। ये कल मुझे दिखना नहीं चाहिए! आप चाहे कुछ भी करो, डेपुटेशन करो या एपीओ करो!


एक ही रट : साब, तबादला करवा दो
नवनिर्वाचित विधायक हों या पुराने, इन दिनों सभी मंत्रियों के यहां तबादलों की अर्जियां या डिजायर लेकर आने वाले विधायकों की तादाद बहुत ज्यादा है। एक अनुमान के अनुसार अब तक करीब 10 हजार तबादला आवेदन आ चुके हैं। कई मंत्री तो यह तर्क देते रहे कि अभी तो वे खुद अपने इलाके में पुराने ही लोगों से काम चला रहे हैं।


तबादले चुनाव बाद : सराफ
॥तबादलों के लिए तो सुबह छह बजे से ही फोन आने शुरू हो जाते हैं, लेकिन अभी रोक है। लोकसभा चुनाव के बाद जैसे ही तबादलों पर से बैन हटेगा, नियमों और सुविधा के अनुसार तबादले किए जाएंगे। नियम के विरुद्ध कहीं कुछ नहीं किया जाएगा।
-कालीचरण सराफ, शिक्षा मंत्री