(जयपुर की निशानेबाज शगुन चौधरी।)
जयपुर. एक बार फिर राजस्थान की माटी ने खेल के मैदान में अपने तेवर दिखाए। एशियन गेम्स में गुरुवार को भारत ने तीन कांस्य पदक जीते, जिनमें से दो पदक राजस्थान के खिलाड़ियों के नाम रहे। जयपुर की निशानेबाज शगुन चौधरी ने जहां महिलाओं की डबल ट्रैप टीम स्पर्धा में कांस्य पदक जीता, वहीं सीकर के बजरंग ताखर ने नौकायन में पुरुषों की ऐट टीम स्पर्धा में तीसरा स्थान हासिल किया।
लंदन ओलिंपिक में रचा था इतिहास
एशियन गेम्स में शगुन का यह पहला पदक है, जबकि बजरंग ने लगातार तीसरे एशियाड में पदक जीता है। उन्होंने 2006 में रजत व 2010 में स्वर्ण पदक जीता था। यही नहीं शगुन को 2012 के लंदन ओलंपिक के ट्रैप शूटिंग में भारत के लिए क्वालिफाइंग करके ऐसा करने वाली देश की पहली महिला होने का गौरव प्राप्त है।
शगुन को पिता से मिली शूटिंग
शगुन को शुटिंग का शौक उनके पिता के कारण लगा। उनके पिता महाराजा कर्णी सिंह के साथ बीकानेर में शूटिंग करते थे। उस समय शगुन केवल 2 साल की थीं। दिलचस्प बात ये है कि पिता को शूटिंग करते देख शगुन केवल 2 साल की उम्र में ही खिलौना गन से खेलना शुरू कर दिया था।
फाइनल में जुटाए 279 अंक
शगुन चौधरी, श्रेयसी सिंह और वर्षा वर्मन ने फाइनल में कुल 279 अंक जुटाए। चीन ने 315 अंक हासिल करते हुए स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया। शगुन ने 120 में से सबसे ज्यादा 96 अंक जुटाए। श्रेयसी ने 94 व वर्षा ने 89 अंक स्कोर किए। दो दिन पहले सिंगल ट्रैप स्पर्धा में शगुन फाइनल में भी जगह नहीं बना सकी थीं।
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