जयपुर. राजस्थान यूनिवर्सिटी यूजी व पीजी क्लासेज में 90 से 100 प्रतिशत उपस्थिति वाले विद्यार्थियों को करीब 10 प्रतिशत तक बोनस अंक देने का प्रस्ताव एकेडमिक काउंसिल की आगामी बैठक में मंजूरी के लिए रखेगी।
बेहतर उपस्थिति देने वाले विद्यार्थियों को प्रमोट करने के लिए ये नीति बनाई जा रही है। सांख्यिकी और गणित विभाग के प्रोफेसर इस गणना में जुटे हैं कि बोनस अंकों का बंटवारा किस तरह से किया जाए। दो बिंदुओं में से एक पर सहमति बननी है। पहली ये कि कुल अंक का प्रतिशत निकालकर बोनस अंक दिए जाएं या स्टूडेंट ने जितने अंक अर्जित किए हैं, उसका प्रतिशत निकालकर उसमें से बोनस अंक दिए जाएं। इस बारे में कुलपति की सहमति से अंतिम निर्णय होना है। बोनस अंक देने वाली दूसरी यूनिवर्सिटीज से भी यूनिवर्सिटी संपर्क कर रही है।
30 हजार स्टूडेंट्स को मिलेगा फायदा
बोनस अंक का फार्मूला लागू हुआ तो यूनिवर्सिटी के 41 डिपार्टमेंटों के साथ ही संघटक कॉलेजों -- महाराजा, महारानी, कॉमर्स व राजस्थान कॉलेज व तीनों लॉ कॉलेजों के करीब 30 हजार विद्यार्थियों को फायदा मिलेगा।
ताकि क्लासरूम भरे रहें
सरकार का, मेरा और अभिभावकों का सिर्फ एक मकसद है- स्टूडेंट्स ज्यादा से ज्यादा क्लास अटेंड करें। इसके लिए स्टूडेंट्स को प्रेरित करने की योजना पर शुरुआती काम चल रहा है। इस पर काफी कुछ करना बाकी है।
-डॉ. देव स्वरूप, कुलपति. आरयू