जयपुर. राजस्थान यूनिवर्सिटी के विवेकानंद हॉस्टल में रैगिंग प्रकरण में दोषी पाए गए छह फ्रेशर सहित 10 छात्रों के निष्कासन रद्द करने की गुहार के बाद शुक्रवार को कुलपति डॉ. देव स्वरूप ने स्थायी अनुशासन कमेटी का पुनर्गठन कर दिया है। कॉमर्स कॉलेज के प्राचार्य प्रो. नवीन माथुर को इसका संयोजक बनाया गया है। कई सदस्यों को भी बदला गया है।
कमेटी छात्रों की गुहार का तथ्यात्मक विश्लेषण कर कुलपति को मंगलवार तक अपनी सिफारिश देगी। निष्कासित दस छात्रों में से 6 बीए प्रथम वर्ष के ( फ्रेशर) छात्र हैं। ऐसे में ये समिति इस बात की जांच करेगी कि ये छात्रों के आपस की लड़ाई, क्षेत्रवाद या जातिवाद की लड़ाई तो नहीं है। अधिकांश छात्र फ्रेशर हैं, ऐसे में दी गई सजा अधिक बड़ी तो नहीं।
यह राहत संभव: माना जा रहा है कि हॉस्टल से निष्कासन तो बरकरार रखा जाएगा, लेकिन कॉलेज से निष्कासन की जगह निलंबन किया जाएगा। इसकी अवधि 10 दिन से अधिक संभव है। इन सब पर निर्णय कमेटी की रिपोर्ट के बाद होगा।