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स्वाइन फ्लू : 151 मौतें, 834 मरीज, फिर भी जांच फ्री नहीं

9 वर्ष पहले
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जयपुर.एक अप्रैल, 2012 से अब तक राज्य में स्वाइन फ्लू से 151 मौतें हो चुकी हैं। 834 मरीज पॉजिटिव मिले हैं। इसके बावजूद सरकार ने जांच फ्री नहीं की है। मंगलवार को मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि दवा फ्री मिलेगी, जबकि 2009 से ही यह व्यवस्था लागू है।
जांच के लिए लोगों को सरकारी अस्पतालों में 1500 रु. और निजी अस्पतालों में 5000 से 6000 रु. चुकाने पड़ रहे हैं। इस बीच, मंगलवार को कोटा में जयपुर निवासी एक वृद्ध की फ्लू से मौत हो गई। जोधपुर में तीन, जयपुर में दो, कोटा व निवाई में एक-एक पॉजिटिव रोगी मिला है।
2009 में महामारी घोषित किया था
2009-10 में 198 मौतें हुई थीं। सरकार ने फ्लू को महामारी घोषित किया था। एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, सिनेमाघरों में स्क्रीनिंग शुरू की थी। स्कूलों में प्रार्थना सभाएं रोक दी गई थीं। स्वास्थ्य निदेशालय में 24 घंटे डॉक्टरों की टीम तैनात की थी और रेपिड रेस्पांस टीमें बनाई गई थी।
इस बार सामान्य तरीके से इलाज
इस साल इलाज की सामान्य प्रक्रिया चल रही है। केवल केंद्र की एक टीम यहां चल रही प्रक्रिया को देखने के लिए मंगलवार को बुलाई गई। टीम ने यहां केवल औपचारिकता निभाई। अधिकारियों की बैठक में सिर्फ उनकी सुनी, कोई सुझाव नहीं दिए। बल्कि यह तर्क दिया कि आप तो पहले से ही बहुत कुछ कर रहे हैं। बढ़े स्वाइन फ्लू के बावजूद 2009 जैसे इंतजाम नहीं किए गए हैं। अभी केवल टास्क फोर्स गठित करने की घोषणा की गई।
सीएस की अध्यक्षता में टास्क फोर्स
>मंगलवार देर रात केंद्रीय समिति के साथ चली बैठक में मुख्य सचिव की अध्यक्षता में टास्क फोर्स बनाने की घोषणा की गई।
>मुख्यमंत्री ने कहा- स्कूल बंद नहीं होंगे। इससे बेवजह दहशत पैदा होती है। बच्चों की स्क्रीनिंग होगी।
>जहां स्वाइन फ्लू का मरीज मिल रहा है, उसके आसपास के 50 घरों की स्क्रीनिंग हो रही है। इसे बढ़ाकर 100 घरों तक किया जाएगा।
>शिक्षा विभाग ने शिक्षकों को स्वाइन फ्लू का प्रारंभिक प्रशिक्षण देने का निर्णय किया है। हर स्कूल से एक शिक्षक को प्रशिक्षण दिया जाएगा।