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ट्रेड यूनियनों का आंदोलन: प्रदेश में बैंक और बसें बंद रहीं

9 वर्ष पहले
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जयपुर.केंद्रीय ट्रेड यूनियनों की देशव्यापी हड़ताल के पहले दिन बुधवार को राज्य में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। जयपुर में स्कूल के लिए बच्चों के ऑटो नहीं आने से शुरू हुई परेशानियों ने दिनभर पीछा नहीं छोड़ा। लो फ्लोर के पहिए थमने से यात्री परेशान रहे। उन्हें निजी वाहनों में दुगुना-तिगुना पैसा देना पड़ा।
प्रदेशभर में श्रमिक संगठनों ने कलेक्ट्रेट सहित जगह-जगह विरोध प्रदर्शन किए। श्रीगंगानगर में श्रमिक गुटों में टकराव हुआ। इसमें सात लोग घायल हो गए। जोधपुर में रोडवेज बसें नहीं चलने से जोन में 40 लाख के घाटे की आशंका। करीब 375 करोड़ का बैंकिंग व्यवसाय व क्लीयरेंस ठप होने का दावा।
पाली, सिरोही, जालौर में बैंक, बस, बीमा कार्यालयों, उद्योगों में बंद का व्यापक असर रहा। उदयपुर में रोडवेज बस स्टैंड के बाहर बसों को खड़ाकर जाम लगा दिया। अजमेर में बैंक, बीमा, डाक विभाग में हड़ताल का पूरा असर नजर आया।बैंक कार्यालयों के ताले भी नहीं खुले।
जयपुर : शहर में रोडवेज की बस नहीं चली। लो-फ्लोर बसें भी बंद रही।
कोटा : हाड़ौती संभाग में रोडवेज की बसें पूरी तरह बंद रहीं। विद्यार्थी स्कूल-कॉलेजों में नहीं पहुंच सके।
4500 बसें बंद रहीं राजस्थान रोडवेज की।
करीब 20 हजार कर्मचारी हड़ताल में शामिल हुए।
3.75 करोड़ रु. के नुकसान की आशंका।
12 लाख यात्री प्रभावित।
300 लो फ्लोर व मिनी बसें जयपुर में। सभी बंद रहीं।
2000 कर्मचारी शामिल हुए।
22 लाख रु. के नुकसान का अंदेशा।
2 लाख यात्री प्रभावित
6000 बैंक शाखाओं में कामकाज ठप रहा प्रदेश में।
35 हजार कर्मचारी शामिल हुए हड़ताल में।
1500 करोड़ रु. के चेक की क्लीयरेंस नहीं हो सकी।
350 बैंक शाखाएं नहीं खुली जयपुर में।
800 करोड़ रु. की चेक क्लीयरेंस जयपुर में प्रभावित।
बिजली कंपनियों में हड़ताल पर रोक
प्रदेश में हड़ताल को देखते हुए राज्य की पांचों बिजली कंपनियों ने बिजली को अत्यावश्यक सेवा घोषित कर दिया है। इसके तहत रेस्मा लगा दिया है। इसके चलते अब हड़ताल करने पर रोक होगी।
आज फिर बे-बस शहर
महंगाई के खिलाफ श्रमिक संगठनों की दो दिवसीय हड़ताल के पहले दिन बुधवार को परिवहन सेवा चरमरा गई। इसका फायदा उठाते हुए प्राइवेट बसों व ऑटोरिक्शा चालकों ने यात्रियों को किराए में जमकर लूटा। रोडवेज व लो फ्लोर बसें सुबह से ही नहीं चलीं। लाखों यात्रियों को खासी परेशानी उठानी पड़ी। गुरुवार को भी यही स्थिति रहेगी।
पूरे शहर में हड़ताल का व्यापक असर दिखाई दिया। सिंधी कैंप से रोजाना करीब 1200 बसें निकलती हैं। शहर की नगरीय परिवहन सेवा में चलने वाली लो फ्लोर बसें भी डिपो से नहीं निकली। कुछ मिनी बसें भी नहीं चलीं। यात्रियों को शहर में एक स्थान से दूसरे स्थान तक जाने के लिए ऑटो या खुद के वाहन का सहारा लेना पड़ा। प्राइवेट मिनी बसें भी ठसाठस भरी हुई चलीं। भीड़ को देखते हुए प्राइवेट बस संचालकों ने कई स्थानों के किराए में डेढ़ गुना तक बढ़ोतरी कर दी।
इंटक, बीएमएस, एटक, एचएमएस, सीटू, आरसीटू और बैंक यूनियनों की ओर से दोपहर में शहीद स्मारक से रैली निकाली गई। यह एमआई रोड, सांगानेरी गेट, जौहरी बाजार, छोटी चौपड़, चांदपोल, संसार चंद्र रोड होते हुए शहीद स्मारक पहुंची। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रमिक व संगठनों के नेता मौजूद थे। वे सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए चल रहे थे। रैली के कारण चारदीवारी में जाम लग गया।
रैली जैसे जैसे आगे बढ़ रही थी, प्रमुख बाजारों में ट्रेफिक जाम होता जा रहा था। रैली निकलने के बाद भी करीब आधा से एक घंटे तक यातायात बाधित रहा।
ग्राहक और व्यापारी परेशान
रामनिवास बाग पार्किग से शहर के लिए चलने वाली निशुल्क बस सेवा भी नहीं चल सकी। हड़ताल के कारण जेसीटीएसएल की यहां चलाई जा रही मिनी बसें बंद रहीं। इससे यहां वाहन खड़ा करके चारदीवारी तक जाने वालों को परेशानी उठानी पड़ी। इसमें ग्राहक और व्यापारी दोनों ही शामिल थे।
स्कूलों के ऑटो से राहत
शहर में हड़ताल के पहले दिन बुधवार को करीब 5 स्कूलों में ही ऑटो रिक्शा बंद रहे। बाकी स्कूलों में ऑटो रिक्शा चालक बच्चों को लाने-ले जाने में लगे रहे। हालांकि ऑटो चालकों को शहर में कई जगह यूनियन के लोगों का विरोध झेलना पड़ा। इस कारण उन्हें गलियों में से निकलना पड़ा।
विधानसभा का घेराव आज
सरदार पटेल मार्ग स्थित बीएमएस कार्यालय में श्रमिक संगठनों की बैठक हुई। बीएमएस के प्रदेश महामंत्री राजबिहारी शर्मा ने बताया कि गुरुवार को सुबह 11 बजे शहीद स्मारक से विधानसभा तक रैली निकाली जाएगी।
आज भी बंद रहेंगे बैंक
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के आव्हान पर प्रदेश के सभी बैंक के कर्मचारी बुधवार को हड़ताल पर रहे। संगठनों का दावा है कि शहर के बैंकों में गुरुवार को भी ताले नहीं खुलेंगे। प्रदर्शन में राजस्थान प्रदेश बैंक एम्प्लाइज यूनियन के महासचिव महेश मिश्रा, बैंकिंग संगठन के कर्मचारी नेता एस.के.राठौड़ के अलावा बेफी के राष्ट्रीय सचिव जी.एन.पारीक, प्रदेशाध्यक्ष सतीश कुमार यादव शामिल हुए।