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डाउनलोड करेंजयपुर/बांसवाड़ा. मौसम आधारित फसल बीमा योजना के नाम पर राज्य में किसानों के साथ क्रूर मजाक हो रहा है। इस साल जनवरी माह से खरीफ-2013 की फसल का मुआवजा बंट रहा है। किसानों को मुआवजे के रूप में 42 पैसे तक मिल रहे हैं। योजना 2006 में शुरू हुई थी, तब से अब तक किसानों को इस योजना का खासा फायदा नहीं मिल पाया है। इस बार जिलों के हिसाब से सबसे कम 4.74 रु. का औसत मुआवजा भीलवाड़ा के किसानों को मिला है। सबसे ज्यादा 2559 रु. 57 पैसे का औसत मुआवजा बारां जिले के किसानों को दिया गया है।
राज्य के कृषि मंत्री प्रभुलाल सैनी कहते हैं- हम इस योजना में सुधार लाना चाहते हैं। इसके लिए केंद्र से बात करेंगे। बांसवाड़ा की गढ़ी तहसील में मेतवाला वैदर स्टेशन से जुड़े किसानों को उड़द फसल में खराबी पर औसत 42 पैसे का मुआवजा मिलेगा। यहां 2101 किसानों के लिए 878 रु. का मुआवजा आया है। इसी तरह मक्का में हुए खराबे के लिए 3,862 किसानों के लिए 3,421 रुपए का क्लेम आया है।
...और बीमा कंपनियों का तर्क
किसानों का बीमा सामूहिक होता है, न कि व्यक्तिगत। ऐसे में जब बीमा क्लेम दिया जाता है तो उसका भुगतान किसी एक पूरे इलाके के लिए तय दरों के हिसाब से किया जाता है। उसे उन किसानों के बीच जमीन के अनुपात में बांट दिया जाता है।
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