पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर
डाउनलोड करेंजयपुर. उद्योग आयुक्त विभाग ने 8 साल पहले बांट माप तौल के ट्रक चेसिस खरीदा। इसके एवज ने विभाग ने डीलर को 98 प्रतिशत भुगतान के तौर पर 6 लाख रुपए चुकाए, लेकिन दो प्रतिशत भुगतान के चक्कर में यह चेसिस डीलर के पास जब्त है और हर रोज लगने वाले 500 रुपए डमरेज चार्ज के साथ कीमत 1.25 करोड़ रुपए हो चुकी है।
अब चेसिस रिकवर करने में विभाग के हाथ-पांव फूल रहे हैं। अधिकारियों को चिंता है कि मामला खुला तो कई नपेंगे। आठ साल पहले आयुक्त उद्योग महकमे की तरफ से बांट-माप तौल के लिए काम आने वाली मोबाइल वैन के लिए चेसिस खरीदा गया।
विभाग ने चेसिस की बॉडी तैयार करने के लिए फिर से इसे डीलर के सुपुर्द कर दिया था, लेकिन इसके एवज में विभाग की ओर से डीलर को केवल 98 फीसदी भुगतान किया गया। शेष दो फीसदी भुगतान के लिए फाइल विभाग में चक्कर लगाती रही। तीन कमिश्नर आए और चले गए, लेकिन किसी ने इस फाइल को निपटाने की जेहमत नहीं उठाई।
अब हालत यह है कि डीलर के पास खड़े इस ट्रक पर 500 रुपए प्रतिदिन के डेमरेज चार्ज लग रहा है। अब डीलर इसके लिए विभाग से करीब 1 करोड़ 31 लाख रुपए से ज्यादा का भुगतान लेगा। ऐसे में यहां रहे अधिकारी इस मामले में हाथ डालने से कतरा रहे हैं।
इनका कहना है
उद्योग आयुक्तालय के अतिरिक्त निदेशक संजीव सक्सेना ने बताया कि इसकी रिपोर्ट मैं पहले भी अधिकारियों को दे चुका हूं। विभाग से दो फीसदी भुगतान के बारे में कई बार कहा गया, लेकिन आज तक भुगतान की फाइल ही अटकी हुई है। डीलर इस पर हर रोज 500 रुपए का डमरेज चार्ज ले रहा है। उन्होंने कमिश्नर को भी रिपोर्ट भेज दी।
उद्योग आयुक्त विनोद अजमेरा ने बताया कि वे इसकी जानकारी ले रहे हैं। तत्कालीन उद्योग आयुक्त राजेश यादव ने बताया कि उन्हें इस बारे में किसी ने जानकारी नहीं दी। अगर पता होता वे ऐसा नहीं होने देते।
Copyright © 2021-22 DB Corp ltd., All Rights Reserved
This website follows the DNPA Code of Ethics.