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काम जो जीरो हो गया था वह चलने लगा है, अगले साल दिखने लगेगा परिवर्तन

7 वर्ष पहले
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जयपुर. मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे का कहना है कि सरकार आपके द्वार कार्यक्रम इसलिए शुरू किया ताकि लोगों को छोटे-छोटे कामों के लिए जयपुर नहीं आना पड़े। लोग मुझसे इसका नतीजा पूछते हैं। मैं कहती हूं कि जो काम पिछली सरकार में जीरो हो गया था वह चलने तो लगा, अगले साल तक परिवर्तन भी दिखने लगेगा।
एसओ तथा एएस के एडहॉक प्रमोशन की फाइल मंजूर: मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्होंने सेक्शन ऑफिसर से सहायक सचिव तथा सहायक निजी सचिव से निजी सचिव के एडहॉक प्रमोशन की फाइल को मंजूरी दे दी है और जल्द ही प्रमोशन की सूची जारी कर दी जाएगी। इस पदोन्नति से 17 सेक्शन ऑफिसर, सहायक सचिव बनेंगे तथा 26 सहायक निजी सचिव, निजी सचिव बनेंगे। कर्मचारी संघ के अध्यक्ष मुकेश गौड़ की ओर से कर्मचारियों के लिए की गई मांगों पर उन्होंने आश्वासन दिया कि ...आपने कह दिया, मैंने सुन लिया, जैसे-जैसे डिस्कस होगा काम करेंगे। उन्होंने मजाकिया लहजे में कहा कि आपके काम करने हैं, आप यह मत सोचो की मैडम आपको घुमा रही है। उन्होंने कहा कि अब तक हम 60 डीपीसी कर चुके हैं।
मार्च तक आचार संहिता में उलझी रहेगी सरकार
उन्होंने अपने मौजूदा कार्यकाल में काम की रफ्तार को लेकर कहा कि मार्च तक ज्यादातर आचार संहिता लगी रहेगी। फिर भी हमें जनता के कामों को पूरा करना है। उन्होंने सचिवालय कर्मचारियों से कहा कि जो भी व्यक्ति यहां से जाता है वह सरकार की छवि साथ लेकर जाता है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को पांच दिनों का कार्य सप्ताह मिलता है इसका पूरा उपयोग किया जाना चाहिए।
नवनिर्वाचित कार्यकारिणी ने ली शपथ
मुकेश गौड़ : अध्यक्ष, वरि. उपाध्यक्ष: राजेश शर्मा, विकास श्रीवास्तव, गोविंद महावर, देवाराम जाट, शिव कुमार सिंह, आलोक सिंह, राजेंद्र सिंह बिष्ट, प्रेम कुमार सैन, कुंदन मेघवाल, ज्योति शर्मा। उपाध्यक्ष: रतन लाल यादव, ताराचंद जोशी, मनमोहन सैन, कृष्ण गोपाल पाराशर, प्रदीप दुलारिया, बलराम शर्मा, हरिनारायण मीणा, महेंद्र कुमार डांगर, अंजू शर्मा, संजय टिंकर, दीपक सोनी। प्रवक्ता: दीपक सोनी। संयुक्त महामंत्री: योगेश शर्मा, महेंद्र पाराशर। कोषाध्यक्ष: भारत सिंह भाटी। मंत्री: सवाई सिंह शेखावत, झब्बर सिंह, राजेंद्र सिंह चौधरी, प्रमोद कुमार, बुद्धि प्रकाश शर्मा, हेमंत सैनी।
ये रखीं मांगें : अतिरिक्त सचिव तथा एएसओ के रिक्त पदों पर भर्ती नियमों में छूट। कनिष्ठ लिपिक के लिए जीएडी में आवास कोटा लिमिट को 25 फीसदी से बढ़ाकर 50 फीसदी की जाए। प्रोबेशनर ट्रेनी के लिए फिक्स पे बढ़ोत्तरी की बजट घोषणा मूल रूप में लागू की जाए।